आम की वजह से दो मुगल बादशाह में हो गई थी लड़ाई, रिश्ते में थे बाप-बेटे
इतिहास में मुगल शासकों का जिक्र कई कारणों से होता है.लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी मुगल शासकों में एक बात कॉमन थी कि उन्हें भारत के आम खूब पसंद थे.इसको लेकर शाहजहां और औरंगजेब के बीच लड़ाई भी हुई थी.

भारत में सिर्फ कुछ महीनों के बाद ही आम का सीजन आने वाला है. आम को लेकर भारत में दीवानगी किसी से छिपी नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक को भारतीय आम खूब पसंद था. आज हम आपको दो ऐसे मुगल बादशाहों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने आम के चक्कर में आपस में लड़ाईयां तक की थी.
आम का फल
आपने बचपन से सुना होगा कि आम फलों का राजा है. आज के वक्त भी बाजार में आम पहुंचने के बाद उसको लेकर दीवानगी दिखती है. लेकिन आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि मुगल शासक में आम को लेकर प्रेम बहुत ज्यादा था. आप इसको ऐसे समझिए कि मुगल शासक अपने पसंदीदा आमों को सैंकड़ों किलोमीटर दूर से मंगवाते थे.
औरंगजेब का आम से प्रेम
मुगल शासक औरंगजेब को नॉनवेज से बहुत लगाव था. लेकिन भारतीय फलों में उसे सबसे अधिक पसंद आम था. इतिहासकारों के मुताबिक आम के सीजन में औरंगजेब सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर से आम का फल मंगवाता था. हालांकि औरंगजेब एकमात्र ऐसा शासक था, जो सबसे अधिक क्रूर था. इतिहास के पन्नों में अभी भी उसकी क्रूरता की कहानियां छिपी हुई हैं.
शाहजहां ने औरंगजेब को आम के लिए लगाई फटकार
बता दें कि आम को लेकर शाहजहां और बेटे औरंगजेब की पसंद एक जैसी रही थी. इतना ही नहीं कुछ आम के वैरायटी तो दोनों को खूब पसंद थे. जिन पेड़ों के आम इन शासकों को पसंद थे, उसकी देखरेख सैनिक किया करते थे. इतिहासकारों के मुताबिक एक सीजन में जब आम की पैदावार कम हुई थी, तो उस समय शाहजहां को कम आम भेजे गए गय़े थे. जिसके बाद उस घटना पर शााहजहां ने नाराजगी जताते हुए औरंगजेब को डांट लगाई थी.
औरंगजेब ने रखें आमों के नाम
औरंगजेब को आम इतने पसंद थे कि उसने आम के एक किस्से का जिक्र अपनी किताब ‘रुकात-ए-आलमगीरी’ में किया है. बता दें कि इस किताब का अनुवाद करने वाले जमशीद बिलिमोरिया ने लिखा है कि बाबर से लेकर मुगलों के बाद की पीढ़ियों तक सभी को आम से विशेष लगाव था. वहीं औरंगजेब जब दक्षिण में रहता था, तो उसे सबसे ज्यादा आमों की कमी खलती थी. औरंगजेब को आमों से इतना लगाव था कि उसने आमों की दो दिलचस्प वैरायटी के नाम खुद रखे रखे थे. इन आमों का नाम सुधारस और रसनाबिलास था.
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