एक्सप्लोरर

जानें भारत में 5 साल से कम उम्र के कितने बच्चे कुपोषण का शिकार, आंकड़ें देख डर जाएंगे आप

खाना खाने का मकसद सिर्फ पेट भरना नहीं होता. खाने में शरीर को बराबर मात्रा में पोषक तत्व मिले इस बात का भी खास ख्याल रखना होता है. भारत में बच्चों में कुपोषण की समस्या तेजी से बढ़ रही है.

भारत में कुपोषण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. भारत एक ऐसा देश है जहां खान-पान के शौकीन लोगों की कमी नहीं है लेकिन ये बात ध्यान देने वाली है कि जो खाना हम खा रहे हैं उससे हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में पोषण मिल भी रहा है या नहीं. भारत में पांच साल से कम उम्र के कई बच्चे कुपोषित हैं जो चिंता का विषय है. आइये जानते हैं ऐसे कितने बच्चे हैं.

क्या कहते हैं आंकड़े

दरअसल एक आंकड़ों के मुताबिक भारत में 16 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं. खास तौर पर 5 साल से कम उम्र के लगभग 3 करोड़ बच्चे कुपोषण का शिकार हैं. यह एक ऐसी समस्या है, जो न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि देश के भविष्य को भी. वहीं पोषण ट्रैकर जून 2025 तक रजिस्टर्ड 37.07 प्रतिशत बच्चे नाटेपन से पीड़ित हैं. 19.3 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिनका वजन हाईट के हिसाब से कम है. इसके अलावा, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21) के अनुसार, भारत में 5 साल से कम उम्र के 35.5% बच्चे बौने हैं, यानी उनकी उम्र के हिसाब से लंबाई कम है. 32.1% बच्चे कम वजन वाले हैं, और 7.7% बच्चे वेस्टिंग से ग्रस्त हैं.

बच्चों को कुपोषण से  बचाने के लिए क्या करें?

संतुलित और पौष्टिक आहार

बच्चों को कुपोषण से बचाने का पहला कदम है उनके लिए संतुलित आहार. 6 महीने तक बच्चों को केवल मां का दूध देना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए सबसे पौष्टिक और संपूर्ण आहार है. 6 महीने के बाद, पूरक आहार शुरू करें, जिसमें दाल, चावल, हरी सब्जियां, फल, और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दूध, अंडे और मूंगफली शामिल हों. 

स्वच्छता पर ध्यान
कुपोषण का एक बड़ा कारण डायरिया और अन्य बीमारियां हैं, जो गंदकी और दूषित पानी से होती हैं. बच्चों को साफ पानी और उबला हुआ पानी देना चाहिए. खाना बनाने और खिलाने से पहले हाथ धोना जरूरी है. 

नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण
बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से कुपोषण का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है. आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों का वजन, लंबाई और स्वास्थ्य जांच मुफ्त में की जाती है. इसके साथ ही सही समय पर टीकाकरण करवाएं जो बच्चों को बीमारियों से बचाते हैं.

जागरूकता और शिक्षा
कुपोषण से लड़ने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है. माता-पिता को पोषण, स्वच्छता और बच्चों के विकास के बारे में जागरुक होना बेहद जरूरी है. ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस दिशा में काम कर रहे हैं. 

इसे भी पढ़ें- जाम छलकाने के नाम किस शहर की रहती हैं सबसे ज्यादा शाम? होश उड़ा देगा यह आंकड़ा

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Crude Oil: फारस की खाड़ी में ही क्यों है इतना कच्चा तेल, दुनिया में कहीं और क्यों नहीं?
फारस की खाड़ी में ही क्यों है इतना कच्चा तेल, दुनिया में कहीं और क्यों नहीं?
स्ट्रेट कई बार सुना, लेकिन गल्फ-कनाल-बे और चैनल से कितना अलग? जानें हर किसी के बारे में सबकुछ
स्ट्रेट कई बार सुना, लेकिन गल्फ-कनाल-बे और चैनल से कितना अलग? जानें हर किसी के बारे में सबकुछ
Magawa Rat Story: यह था दुनिया का सबसे बहादुर चूहा, जानें इसे क्यों मिला था यह खिताब?
यह था दुनिया का सबसे बहादुर चूहा, जानें इसे क्यों मिला था यह खिताब?
Confidence Motion: क्या विश्वास प्रस्ताव के बाद नहीं गिर सकती पंजाब सरकार, क्या है संविधान में नियम?
क्या विश्वास प्रस्ताव के बाद नहीं गिर सकती पंजाब सरकार, क्या है संविधान में नियम?

वीडियोज

Sansani: मर्डर से पहले दूल्हे की तैयारी | Crime News | Murder Case | ABP News
Maharashtra News: 4 साल की मासूम से रेप के बाद हत्या | Pune | Crime News | abp News
Chitra Tripathi: बंगाल की चुनावी रेस..किसके पक्ष में जनादेश ? | Bengal Elections | EVM | Mamata
SC से Mamata को 'झटका'..4 मई को क्या? | Mamata | TMC | BJP | PM Modi | Bengal Election 2026
ABP Report: 4 मई की उल्टी गिनती शुरू! बंगाल में सियासी पारा हाई | Mamata | TMC | BJP | PM Modi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'एक अकेली लड़ जाएगी, जीतेगी और...', बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले ममता बनर्जी के लिए क्या बोले अखिलेश यादव?
'एक अकेली लड़ जाएगी, जीतेगी और...', बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले ममता बनर्जी के लिए क्या बोले अखिलेश यादव?
'अमेरिका की किसी भी मूर्ख हरकत के लिए सेना तैयार', युद्ध की सुगबुगाहट के बीच ईरान की ट्रंप को सख्त चेतावनी
'अमेरिका की किसी भी मूर्ख हरकत के लिए सेना तैयार', युद्ध की सुगबुगाहट के बीच ईरान की चेतावनी
क्यों 18 करोड़ के मथीशा पथिराना को नहीं खिला रही कोलकाता नाइट राइडर्स, कोच बोले फिट है लेकिन...
क्यों 18 करोड़ के मथीशा पथिराना को नहीं खिला रही कोलकाता नाइट राइडर्स, कोच बोले फिट है लेकिन...
'शर्म आनी चाहिए...', 'भूत बंगला' अक्षय कुमार के कहने पर कटा तब्बू का रोल? प्रियदर्शन ने किया खुलासा
'शर्म आनी चाहिए...', 'भूत बंगला' अक्षय कुमार के कहने पर कटा तब्बू का रोल? प्रियदर्शन ने किया खुलासा
चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
'समुद्री लुटेरों' की तरह काम कर रही US नेवी, ट्रंप होर्मुज नाकेबंदी पर बड़ा बयान, ईरान ने कहा- 'हथियारबंद डकैती'
'समुद्री लुटेरों' की तरह काम कर रही US नेवी, ट्रंप होर्मुज नाकेबंदी पर बड़ा बयान, ईरान ने कहा- 'हथियारबंद डकैती'
Nutrient Deficiency Symptoms: बिना वजह रहता है मूड खराब? शरीर में इन विटामिन की कमी तो नहीं है वजह
बिना वजह रहता है मूड खराब? शरीर में इन विटामिन की कमी तो नहीं है वजह
घर की छत पर है जगह तो ऐसे उगा सकते हैं हरा-भरा कद्दू, नोट कर लें तरीका
घर की छत पर है जगह तो ऐसे उगा सकते हैं हरा-भरा कद्दू, नोट कर लें तरीका
Embed widget