एक्सप्लोरर

खजाने को लेकर अंग्रेज लाए थे ये वाला कानून, मिलने के बाद तुरंत करना होता है ये काम

क्या आप जानते हैं कि भारत में मिले खजाने पर अपना हक जमाने के लिए अंग्रेज भी एक कानून लेकर आए थे. आइए जानते हैं कि ब्रिटिश भारत में जमीन में दफन खजाना मिलने पर सबसे पहले क्या करना होता था.

जमीन में गड़े खजाने की चाह किसे नहीं होती. हर कोई सोचता है कि उसे कहीं जमीन में गड़ा खजाना मिल जाए तो नौकरी-चाकरी छोड़कर वह आराम से जिंदगी गुजार सके. कई लोग तो सपने में खजाना दिखने का दावा तक कर देते हैं और उस जगह की खुदाई भी शुरू कर देते हैं, लेकिन क्या जमीन में गड़े खजाने पर हक जमाना इतना आसान है? क्या आपके घर या खेत में मिला खजाना आपका हो जाता है? 

भारत सरकार ने जमीन में दफ्न ऐसे खजानों को लेकर एक कानून बनाया, जिसे दफीना एक्ट के नाम से जानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में मिले खजाने पर अपना हक जमाने के लिए अंग्रेज भी एक कानून लेकर आए थे. आप हम आपको अंग्रेजों के इस कानून के बारे में बताएंगे, जिसमें जानेंगे कि खजाना मिलने पर सबसे पहले क्या करना होता था... 

पहले भारत सरकार के दफीना एक्ट के बारे में...

देश में आजादी के बाद कई ऐसे मामले आए, जिसमें लोगों ने जमीन में दफ्न खजाने मिलने का दावा किया. 1971 में सरकार ने ऐसे मामलों के निपटारे के लिए एक कानून बनाया, जिसे दफीना एक्ट के नाम से जानते हैं. इस एक्ट के तहत मकान या खेत की खुदाई में कोई खजाना या सोना मिलने पर दफीना एक्ट के तहत ही कार्रवाई होती है. खजाना मिलने पर सबसे पहले संबंधित जिले के कलेक्टर या जिलाधिकारी को सूचना देनी होती है, जिसके बाद इस खजाने को सरकार जब्त कर लेती है और सरकारी खजाने में इसे जमा कर दिया जाता है. दफीना एक्ट के तहत खजाना चाहे आपके घर में मिला हो या खेत में इस पर सरकार का पूरा हक होता है. हालांकि, अगर व्यक्ति कोर्ट में इस पर अपना स्वामित्व साबित कर देता है तो खजाना उसे सौंपा जा सकता है. 

हो सकती है गिरफ्तारी

दफीना एक्ट में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति खजाना मिलने पर इसे छिपाता है या सही-सही जानकारी सरकार को नहीं देता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है. ऐसे मामले में मजिस्ट्रेट के आदेश पर गिरफ्तारी हो सकती है. इस मामले में 6 महीने की जेल या जुर्माने का भी प्रावधान है. 

अंग्रेज लेकर आए थे ये कानून

भारत में जमीन में दफ्न खजाने पर अपना हक जमाने के लिए अंग्रेज भी कानून लेकर आए थे. इसके लिए अंग्रेजों ने भारतीय खजाना निधि अधिनियम 1878 लागू किया था. इसके तहत अगर किसी व्यक्ति को 10 रुपये से ज्यादा का खजाना मिलता है, तो उस पर अंग्रेजी सरकार का हक होता था. अगर कोई व्यक्ति इसे छिपाता था तो उसे कड़ी सजा भी दी जाती थी. 

यह भी पढ़ें: पाण्डवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ को क्यों ढूंढ रहा ASI? जमीन के नीचे कैसे पता चलेगा कहां है अर्जुन का गांडीव और भीम की गदा

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Bihar Domicile Certificate: दिल्ली में घर और यहीं का आधार, कैसे मिलेगा बिहार का पैतृक डोमिसाइल?
दिल्ली में घर और यहीं का आधार, कैसे मिलेगा बिहार का पैतृक डोमिसाइल?
Jharkhand Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर से कितना अलग है JPSC आंदोलन, क्या हैं छात्रों की मांगें?
दिल्ली के जंतर-मंतर से कितना अलग है JPSC आंदोलन, क्या हैं छात्रों की मांगें?
Helicopter Booking For Wedding: हेलिकॉप्टर से ले जानी है बारात, जानिए कितना पैसा करना होगा खर्च?
हेलिकॉप्टर से ले जानी है बारात, जानिए कितना पैसा करना होगा खर्च?
जब गंगा में डूब रहा था मुगल सम्राट हुमायूं, जानिए किसने बचाई थी जान?
जब गंगा में डूब रहा था मुगल सम्राट हुमायूं, जानिए किसने बचाई थी जान?

वीडियोज

Sansani: अतीक अहमद के बेटे की दर्दनाक मौत
Jannat Zubair ने Elvish Yadav संग Dating Rumours पर तोड़ी चुप्पी, बताया रिश्ते का सच
Prince Narula ने Shivangi-Harshad की Bonding को बताया 'Nibba Nibbi Wala Pyaar'
Shreya Kalra की Controversies ने मचाया बवाल, फिर भी बनीं Lock Upp 2 की Winner
Dipika Kakar हुईं Emotional, Cancer Treatment के दौरान बोलीं- अभी हिम्मत नहीं हार सकती

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है, वे...', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
दिल्ली में आज भी बारिश, जगह-जगह जलभराव, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
दिल्ली में आज भी बारिश, जगह-जगह जलभराव, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
मत देखिए US का सपना! ट्रंप ने तोड़ा भारतीयों का दिल! 62 फीसदी गिरावट कम Visa दिए
मत देखिए US का सपना! ट्रंप ने तोड़ा भारतीयों का दिल! 62 फीसदी गिरावट कम Visa दिए
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
Friday OTT Releases: फ्राइडे को ओटीटी पर साउथ की 7 फिल्मों का धमाका, लिस्ट में 'लेनिन' समेत और कौन
OTT Releases: फ्राइडे को ओटीटी पर साउथ की 7 फिल्मों का धमाका, लिस्ट में 'लेनिन' समेत और कौन
AI डीपफेक पर सरकार का एक्शन, फर्जी फोटो-वीडियो पर 3 घंटे में होगी कार्रवाई
AI डीपफेक पर सरकार का एक्शन, फर्जी फोटो-वीडियो पर 3 घंटे में होगी कार्रवाई
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
महाराष्ट्र में MBBS-BDS काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें पूरा शेड्यूल
महाराष्ट्र में MBBS-BDS काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें पूरा शेड्यूल
Embed widget