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विदेश में तैनात राजदूत या किसी जिले के डीएम को, किसको मिलती है ज्यादा सैलरी?

Indian Ambassadors And DM Salary: भारतीय राजदूत और किसी जिले के डीएम का काम अलग होता है. दोनों अपने-अपने पदों के अनुसार जिम्मेदार होते हैं. चलिए जानें कि राजदूत या डीएम किसकी सैलरी ज्यादा होती है.

अक्सर आपने सुना होगा कि भारत के तमाम राजदूत अलग-अलग देशों में तैनात रहते हैं. वे वहां पर विदेश में रहने वाले हमारे देश के नागरिकों की रक्षा करना, समृद्धि का समर्थन करना और शांति का काम होता है. वहीं किसी जिले का डीएम एक आईएएस ऑफिसर होता है, जो कि पूरे जिले की जिम्मेदारी उठाता है. जिले में डीएम से बड़ा कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं होता है, जब तक कि वो जिला संभाग का मुख्यालय न हो. लेकिन कभी आपने सोचा है कि क्या विदेश में तैनात किसी राजदूत की सैलरी ज्यादा होती है, या फिर जिले के किसी डीएम की सैलरी. चलिए आज इस बारे में विस्तार से जानें.

राजदूत कौन होता है

विदेश में तैनात राजदूत एक उच्च पदस्थ राजनयिक होता है, जो कि दूसरे देश में अपने मेजबान देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया जाता है. वह देश के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ मेजबान देश के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखता है, साथ ही साथ अन्य कूटनीतिक कार्यों को संभालता है. वह अपने देश और मेजबान देश के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान करता है और दोनों देशों के बीच में लागू हुए समझौतों को लागू करने में मदद करता है.

डीएम कौन होता है

डीएम भारत सरकार का प्रशासनिक पदाधिकारी होता है, जो कि जिला स्तर से शुरू होकर आगे बढ़ते हुए मंत्रालय के सचिव और फिर पीएम तक का सचिव बनता है. डीएम के पास जिले के अंदर काफी जिम्मेदारियां होती हैं. एक डीएम को राज्य सरकार की ओर से मोटी सैलरी मिलती है, साथ ही साथ बाकी भत्ते भी दिए जाते हैं.

राजनयिक और डीएम की सैलरी

भारतीय राजदूतों को विदेश मंत्रासय सैलरी देता है. उनको मूल वेतन के अलावा सरकारी भत्ता भी मिलता है. विदेशी भत्ता, महंगाई भत्ते से कई गुना ज्यादा होता है. विदेश में तैनात राजदूतों को मुफ्त में आवास भी मिलता है. राजदूतों का औसत वेतन एक लाख रुपये से दो लाख रुपये प्रति महीना होता है. वहीं भारत में राजदूतों का अनुमानित कुल वेतन 25,143 रुपये प्रति महीना होता है. इसमें भत्ते भी जुड़े होते हैं.

डीएम की सैलरी की बात करें तो उनका वेतन पद, अनुभव और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर होता है. आमतौर पर डीएम आईएएस अधिकारी होते हैं और उनका वेतन सातवें वेतन आयोग के अनुसार निर्धारित होता है. डीएम की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से लेकर 2,50,000 रुपये प्रति महीना होती है. इसमें ग्रेड पे, महंगाई भत्ता, यातायात भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस, मेडिकल भत्ता, ड्राइवर की सुविधा आदि दी जाती है.  

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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