देशभर के मंदिरों में भर-भरकर आता है चढ़ावा तो मस्जिदों में क्यों नहीं, जानें सबसे अमीर मस्जिद कौन?
Ayodhya Ram Mandir Controversy: भारत में मंदिरों को अच्छा खासा चढ़ावा मिलता है. आइए जानते हैं कि चढ़ावे के मामले में कौन सी मस्जिद सबसे ज्यादा अमीर है.

- मंदिरों में नकदी, सोना-चांदी चढ़ाना पुरानी परंपरा है।
- इस्लाम में जकात सीधे गरीबों-जरूरतमंदों को दी जाती है।
- मंदिरों का प्रबंधन बोर्ड, मस्जिदों का समिति करती है।
- अलीगढ़ की जामा, मुंबई की हाजी अली अमीर मस्जिदें।
Ayodhya Ram Mandir Controversy: अयोध्या राम मंदिर के दान की कथित चोरी के विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आज शाम को एक बैठक आयोजित करने जा रहा है. इस बैठक में कई बड़े फैसले होने की उम्मीद है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत के मंदिरों को बड़ी नकदी और सोने का चढ़ावा क्यों मिलता है जबकि मस्जिदों को आमतौर पर इतना बड़ा चढ़ावा नहीं आता. जानें भारत में कौन सी मस्जिद सबसे अमीर है.
मंदिरों को भारी चढ़ावा क्यों मिलता है?
हिंदू धर्म में भक्त सदियों से मंदिरों में प्रसाद चढ़ाने की परंपरा का पालन करते आ रहे हैं. मन्नत पूरी हो जाने के बाद कई लोग नकद, सोने, चांदी या फिर दूसरी कीमती चीजें सीधे भगवान के चरणों में दान कर देते हैं या फिर उन्हें दान पेटी में रख देते हैं.
मस्जिदें समान प्रथा का पालन क्यों नहीं करतीं?
इस्लाम में सीधे मस्जिद में प्रसाद चढ़ाने की कोई भी धार्मिक परंपरा नहीं है. इसके बजाय मुसलमानों को जकात के जरिए से अपने धर्मार्थ दायित्व को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इसके लिए योग्य व्यक्तियों को अपनी संपत्ति का 2.5% दान करना होता है. यह योगदान आमतौर पर मस्जिदों के अंदर जमा होने के बजाय गरीबों, अनाथ, जरूरतमंदों या फिर मदरसों में दिए जाते हैं.
इसी के साथ भारत में बड़े मंदिरों का प्रबंध अक्सर सरकार नियंत्रित बोर्ड या फिर स्वतंत्र ट्रस्ट द्वारा किया जाता है जो दान और संपत्ति की देखरेख करते हैं. इसके उलट मस्जिदों का प्रबंधन आमतौर पर स्थानीय समिति या फिर वक्फ बोर्ड द्वारा किया जाता है. उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी परिसर का रख-रखाव और इबादत की सुविधा को प्रदान करना है.
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भारत की सबसे अमीर मस्जिद?
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्थित जामा मस्जिद को भारत की सबसे अमीर मस्जिद माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इसके 17 गुंबद और मीनारों को बनवाने में लगभग 600 किलोग्राम शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि आपको बता दें कि आधिकारिक तौर पर किसी भी एक मस्जिद के नाम सबसे ज्यादा दान का कोई सरकारी या फिर केंद्रीय रिकॉर्ड नहीं है क्योंकि इस्लाम दान ज्यादातर सीधे जरूरतमंदों को दिया जाता है.
लेकिन कुछ रिपोर्टर्स, ऐतिहासिक ट्रस्ट और चढ़ावे के ट्रेंड्स के आधार पर मुंबई की हाजी अली दरगाह और मस्जिद को भारत में मन्नत और चढ़ावे के लिहाज से सबसे अमीर माना जाता है. यहां देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीन नकदी और सोने-चांदी का बड़ा चढ़ावा चढ़ाते हैं.
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