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IAS Officer Transfer: तबादला होने पर IAS अफसर को कितना मिलता है टीए-डीए? जान लें पूरा हिसाब

IAS Officer Transfer: IAS अफसर के ट्रांसफर पर सरकार उन्हें टीए-डीए देती है. चलिए जान लेते हैं कि इसको लेकर क्या नियम है, गणना कैसे होती है और भत्तों का पूरा हिसाब, जो आम लोग शायद ही जानते हों.

IAS Officer Transfer: देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल आईएएस अधिकारियों का तबादला अक्सर चर्चा में रहता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रांसफर के दौरान उन्हें कितना टीए-डीए मिलता है? दरअसल केंद्र सरकार ने इसके लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं. इनमें समग्र स्थानांतरण अनुदान यानि की CTG, यात्रा भत्ता और अन्य भत्ते शामिल होते हैं. चलिए विस्तार से समझते हैं.

क्या है समग्र स्थानांतरण अनुदान यानि CTG

CTG वह एकमुश्त राशि है जो अधिकारी को ट्रांसफर के समय दी जाती है. इसका उद्देश्य सामान पैकिंग और परिवहन से जुड़े खर्च पूरे करना होता है. अगर तबादला 20 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर है, तो अफसर को उसके पिछले महीने के मूल वेतन का 80% दिया जाता है. यदि ट्रांसफर लक्षद्वीप या अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से आना-जाना हो, तो यह राशि 100% तक हो जाती है.

लेकिन, अगर तबादला 20 किलोमीटर से कम दूरी पर हो या फिर उसी शहर में हो, तो यह सैलरी का सिर्फ एक-तिहाई मिलता है.

यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं

CTG के अलावा अफसरों को यात्रा भत्ता भी मिलता है. यह खर्च उनकी आधिकारिक यात्रा को कवर करने के लिए दिया जाता है. इसके साथ-साथ उन्हें अन्य नियमित भत्ते भी दिए जाते हैं. महंगाई भत्ता यानि DA मूल वेतन पर आधारित होता है और समय-समय पर महंगाई दर के हिसाब से बढ़ता है. मकान किराया भत्ता यानि HRA, ऑफिसर जिस शहर में रहते हैं, वहां के किराए के हिसाब से यह भत्ता मिलता है.

पति-पत्नी के तबादले पर क्या है खास नियम?

अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं और उनका तबादला 6 महीने के भीतर एक ही जगह हो जाता है, तो दूसरे नंबर पर ट्रांसफर होने वाले साथी को CTG का केवल 50% मिलता है. इसका मकसद अतिरिक्त खर्च पर रोक लगाना है.

सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मामलों में एक विशेष प्रावधान रखा है. जब भी DA में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी होती है, तो CTG और अन्य अनुदानों में 25% की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी जाती है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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