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BRICS Summit 2026: दिल्ली में होने जा रहा है ब्रिक्स सम्मेलन, जानिए विदेशी नेताओं के खाने का कैसे सेट होगा मेन्यू?

ब्रिक्स सम्मेलन में परोसे जाने वाले खाने का मेन्यू आमतौर पर मेजबान देश की सरकार तय करती है. इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित मंत्रालयों और कमेटी की देखरेख में विस्तृत तैयारी की जाती है.

BRICS Summit 2026: 14 और 15 मई को नई दिल्ली में होने जा रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की अहम बैठक की मेजबानी भारत करने जा रहा है. भारत मंडपम में आयोजित होने वाली इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों और पार्टनर देशों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जबकि 14 मई को सभी विदेशी प्रतिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे. इस ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सुरक्षा, कूटनीति और बैठकों के कार्यक्रम के साथ-साथ कई चीजें भी चर्चा में है. इनमें से एक चीज विदेशी नेताओं के लिए तैयार किया जाने वाला खास मेन्यू है. दरअसल ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मेहमानों के खान-पान का खास इंतजाम होता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि ब्रिक्स सम्मेलन में विदेशी नेताओं के खाने का मेन्यू कैसे सेट होता है. 

कौन तय करता है ब्रिक्स सम्मेलन का मेन्यू?

ब्रिक्स सम्मेलन में परोसे जाने वाले खाने का मेन्यू आमतौर पर मेजबान देश की सरकार तय करती है. इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित मंत्रालयों और कमेटी की देखरेख में विस्तृत तैयारी की जाती है. मेन्यू इस तरह तैयार किया जाता है कि उसमें मेजबान देश की संस्कृति और खान-पान की झलक भी दिखे और अलग-अलग देशों से आने वाले नेताओं की पसंद और खान-पान संबंधी जरूरतों का भी ध्यान रखा जा सके. वहीं भारत इस बार ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता कर रहा है और इसकी थीम Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability रखी गई है. भारत पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर जोर दे रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि ब्रिक्स सम्मेलन के खाने में भी भारतीय परंपरा और विविधता की झलक देखने को मिल सकती है. 

भारतीय स्वाद के साथ अंतरराष्ट्रीय संतुलन 

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर अभी तक अधिक ऑफिशियल मेन्यू सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन इससे पहले हुए ब्रिक्स सम्मेलनों के अनुसार सम्मेलन में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के डिशेज की व्यवस्था की जाती है, ताकि अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. सम्मेलन के लिए मेन्यू तैयार करते समय इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि किस देश के प्रतिनिधि की स्वास्थ्य संबंधी खान-पान सीमाएं क्या है. कई बार अलग-अलग देशों के नेताओं के लिए विशेष डाइट प्लान भी बनाए जाते हैं. 

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देशभर के बेस्ट शेफ करते हैं तैयारी 

ब्रिक्स जैसे बड़े आयोजनों में अक्सर देश के अलग-अलग हिस्सों के अनुभवी शेफ को शामिल किया जाता है. मेन्यू में स्थानीय स्वाद और क्षेत्रिय डिशेज को जगह दी जाती है, ताकि मेहमानों को भारतीय संस्कृति का अनुभव कराया जा सके. वहीं इस बार विदेश मंत्रालय के कार्यक्रम के अनुसार 14 मई को शाम 7:00 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भारत मंडपम में डिनर आयोजित किया जाएगा. इससे पहले दिन भर में विदेश मंत्रियों की कई अहम बैठके के होगी.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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