Happy New Year 2026: किन देशों में कब होगा नए साल का आगाज, जानिए अमेरिका, रूस जैसे देशों की टाइमिंग
Happy New Year 2026: जब किरिबाती नए साल का जश्न मना रहा होता है, तब दुनिया का एक हिस्सा अभी पुराने साल में जी रहा होता है. और जब बेकर द्वीप पर नया साल आता है, तब पूरी पृथ्वी 2026 में कदम रखती है.

Happy New Year 2026: जब भारत में लोग अभी घड़ी की सुइयों पर नजर टिकाए होते हैं, तब दुनिया के कुछ कोने नए साल का जश्न मना चुके होते हैं. कहीं आतिशबाजी थम चुकी होती है तो कहीं शैंपेन की बोतलें खुलने वाली होती हैं. पृथ्वी पर समय एक साथ नहीं बदलता है, बल्कि हर देश अपनी बारी का इंतजार करता है. आखिर कौन सा देश सबसे पहले 2026 में दाखिल होगा और कौन सबसे आखिर में? यही जानना हर साल लोगों की जिज्ञासा बन जाता है.
समय का खेल और नए साल का अंतर
नया साल पूरी दुनिया में 1 जनवरी को आता है, लेकिन हर देश में इसकी एंट्री एक साथ नहीं होती है. इसका कारण है पृथ्वी के अलग-अलग टाइम जोन. पृथ्वी 24 समय क्षेत्रों में बंटी है और अंतरराष्ट्रीय डेट लाइन के आसपास बसे इलाके सबसे पहले और सबसे आखिर में नए साल को देखते हैं. यही वजह है कि जब कुछ देश जश्न मना रहे होते हैं, तब कई देशों में अभी 31 दिसंबर की सुबह भी नहीं होती.
सबसे पहले नए साल का स्वागत कौन करता है
अक्सर लोग मानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया सबसे पहले नया साल मनाता है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है. असल में मध्य प्रशांत महासागर में स्थित किरिबाती का किरीटीमाटी द्वीप, जिसे क्रिसमस द्वीप भी कहा जाता है, दुनिया में सबसे पहले नए साल 2026 का स्वागत करेगा. यह द्वीप अंतरराष्ट्रीय डेट लाइन के पास स्थित है, इसलिए यहां नया साल लगभग एक पूरा दिन पहले आ जाता है. इसी समय टोंगा, समोआ और न्यूजीलैंड भी नए साल में प्रवेश करते हैं.
एशिया और ऑस्ट्रेलिया में नए साल की शुरुआत
न्यूजीलैंड के बाद फिजी और रूस के पूर्वी हिस्सों में नए साल की दस्तक होती है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के बड़े शहर सिडनी और मेलबोर्न में दोपहर के समय नए साल का आगाज होता है. जापान, दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया में भी इसी क्रम में नया साल आता है. चीन, सिंगापुर, फिलीपींस और थाईलैंड जैसे देशों में शाम के वक्त घड़ी 12 बजते ही जश्न शुरू हो जाता है.
भारत और पड़ोसी देशों की टाइमिंग
भारतीय दर्शकों के लिए सबसे अहम सवाल यही होता है कि भारत में नया साल कब आता है. भारतीय समयानुसार 31 दिसंबर की रात 12 बजे, यानी GMT के अनुसार शाम 6:30 बजे, भारत और श्रीलंका में नया साल 2026 शुरू होता है. नेपाल में यह समय 6:15 बजे शाम का होता है, जबकि बांग्लादेश में 6 बजे. पाकिस्तान में नया साल 7 बजे रात को आता है. इस दौरान पूरे उपमहाद्वीप में जश्न का माहौल बन जाता है.
यूरोप में आधी रात का इंतजार
जैसे-जैसे समय पश्चिम की ओर बढ़ता है, यूरोप के देशों में नए साल की तैयारी तेज हो जाती है. ग्रीस, रोमानिया और दक्षिण अफ्रीका में रात 10 बजे, जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन में रात 11 बजे और आखिरकार यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड और पुर्तगाल में आधी रात को नया साल आता है. लंदन का बिग बेन जब 12 बजाता है, तब पूरी दुनिया की नजरें यूरोप पर टिक जाती हैं.
अमेरिका में कब आता है नया साल
यूरोप के बाद बारी आती है अमेरिका की. अमेरिका में अलग-अलग टाइम जोन होने के कारण नए साल की एंट्री भी चरणों में होती है. न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और क्यूबा जैसे पूर्वी क्षेत्रों में सुबह 5 बजे (भारतीय समयानुसार) नया साल आता है. इसके बाद शिकागो, डेनवर और लॉस एंजेलिस जैसे शहरों में क्रमशः नया साल मनाया जाता है. हवाई और ताहिती में सुबह 10 बजे नए साल की शुरुआत होती है.
सबसे आखिर में नया साल कहां आता है
दुनिया में सबसे आखिर में नया साल मनाने का रिकॉर्ड अमेरिका के ही दो निर्जन द्वीपों के नाम है. बेकर द्वीप और हाउलैंड द्वीप पर 1 जनवरी को दोपहर 12 बजे GMT के अनुसार नया साल 2026 आता है. यहां आबादी लगभग नहीं के बराबर है, इसलिए यह जश्न प्रतीकात्मक ही रहता है, लेकिन तकनीकी रूप से यही पृथ्वी के आखिरी इलाके होते हैं जहां नया साल पहुंचता है.
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