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क्या मच्छर सिर्फ हमें ही काटते हैं? पढ़िए जहां इंसान नहीं होते, वहां ये कैसे जिंदा रहते हैं

क्या आप भी ऐसा सोचते हैं कि मच्छर केवल इंसानों को ही काटते है या दूसरे जीवो को भी अपना शिकार बनाते हैं? आइए आज जानते हैं सच क्या है...

Mosquitoes: मच्छरों के काटने से मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू जैसी घातक बीमारियां फैलती हैं. जीवविज्ञान के अनुसार, मच्छरों की प्रजातियां करीब साढ़े तीन हजार हैं. सोचने की बात यह है कि क्या मच्छर दूसरी प्रजातियों को भी अपना शिकार बनाते हैं या केवल हम इंसान ही मच्छरों का शिकार बनते हैं.? क्या ये दूसरे जीवो को भी काटते हैं? आइए जानते हैं.

पेड़-पौधों के पास मच्छर क्यों आते है? 

अक्सर हमने देखा है जब हम पार्क या गार्डन मे वॉक करते है तो वहां मच्छरों की टोली पहले से ही मौजूद रहती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मच्छर नर हो या मादा, दोनों तरह के मच्छरों को जीवित रहने के लिए ग्लूकोज या शुगर की आवश्यकता होती है. मच्छर के साथ साथ हर तरह के कीट शुगर और ग्लूकोज़ को पूरा करने के लिए फूलों का रस पी लेते हैं. इसलिए ही आम तौर पर पौधों के आसपास आपको मच्छरों की पूरी टोली मिलती हैं. नर मच्छर जब तक जीवित रहते हैं अपना गुजारा केवल फूलों का रस पी करते हैं जबकि मादा मच्छर ऐसा नहीं करती है.

आखिर मच्छर काटते क्यों है? 

मच्छरों के काटने पर विज्ञान का कहना है कि जिस प्रकार इंसानों के लिए खाना खाना जीवन चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ठीक उसी प्रकार इंसानों को काटना मच्छरों के जीवन चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है.  हमे काटना मच्छरों के अस्तित्व को बनाये रखने के लिए बहुत जरूरी है. दरअसल, मच्छरों के लिए इंसान एक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा है. आपको यह जान कर बहुत हैरानी होगी कि हमें सिर्फ मादा मच्छर ही काटते हैं. जब मादा मच्छर अंडे देने के लायक हो जाती है तो उनके पोषण के लिए फूलों का रस पर्याप्त नहीं रहता है. ऐसी मादा मच्छरों को भोजन मे थोड़ा प्रोटीन और वसा की भी आवश्यकता होती है. प्रोटीन और वसा की आवश्यकता को जीव का खून पीकर पूरा किया जाता है. खून पीने के लिए ही मादा मच्छर इंसानों और अन्य जीवो को काटते है. सही पढ़ा आपने, इंसानों के भी कई जीव-जंतुओं को मच्छर अपना भोजन बनाते हैं.

मच्छरों को पूरी तरह नष्ट कैसे करें? 

अगर एक बार मच्छर कहीं पनप जाते है तो वहाँ से मच्छरों का अस्तित्व कभी खत्म नहीं किया जा सकता है क्योंकि मच्छर खाऊ किस्म और अतिअवसरवादी कीट होते हैं. मच्छर जिंदा रहने के लिए हमेशा नये-नये ऑप्शन ढूँढता रहता है. मच्छर हर उस पौधे या जीव को अपना डंक मारता है जो किसी भी प्रकार से मच्छरों को सरवाइव करने मे मददगार होता है.

जंगलों मे मौजूद मादा मच्छर किसका खून पीते हैं?

मच्छर इंसानी खून पीने को हमेशा प्रायोरिटी देते हैं, क्योंकि इससे उनकी सभी आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं. लेकिन खासतौर पर जंगलों मे इंसान नहीं होते हैं तो ऐसे मे मच्छर जंगली पक्षियों के खून को पीकर जिंदा रहते हैं. कुछ जंगली मच्छर ऐसे भी होते है जो सिर्फ जंगली पक्षियों का ही खून पीते है. पक्षियों मे जो जीका वायरस और बर्ड फ्लू जैसे विषाणु पनपते हैं. उसके इंसानों तक पहुंचने का सबसे बड़ा कारण मच्छर ही हैं. इसके अलावा मच्छर गिरगिट, कुत्ते-बिल्लियाँ, सांप, खरगोश, मेंढक, गिलहरी जैसे छोटे-छोटे जीवो को भी काटते हैं. यही नहीं, मच्छर कुछ बड़े जीवों जैसे गाय, घोड़ा, कंगारू, वालाबीज और बाकी प्राइमेट्स को भी काट लेते हैं. 

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