कितने दिन में करनी होती है बंदूक की सफाई, क्यों करना होता है ऐसा?
दंतेवाड़ा में एके-47 साफ करते वक्त हुई फायरिंग के बाद बड़ा सवाल उठा है कि आखिर हथियारों की नियमित सफाई क्यों जरूरी है और सुरक्षा मानकों के तहत कितने दिनों में बंदूक को साफ करना अनिवार्य होता है.

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक दुखद हादसे की खबर सामने आई है. बचेली स्थित CISF कैंप में बुधवार को अपनी सर्विस राइफल AK-47 की सफाई के दौरान अचानक दो गोलियां चल गईं, जिसमें प्रधान आरक्षक दत्तात्राया गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी.
पुलिस और FSL टीम इस बात की जांच कर रही है कि आखिर सफाई के दौरान किन हालातों में राइफल से गोलियां चलीं। इस हादसे के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बंदूक की सफाई कितने दिन में करनी होती है और इसे इतना जरूरी क्यों माना जाता है?
हथियार की सफाई कितने दिन में जरूरी होती है?
सुरक्षाबलों में हथियारों के रखरखाव को लेकर तय नियम होते हैं. आमतौर पर जो हथियार रोजाना ड्यूटी पर इस्तेमाल होते हैं, उनकी हल्की सफाई हर दिन करने की सलाह दी जाती है, ताकि बैरल में जमी धूल-मिट्टी और नमी हटाई जा सके. इसके अलावा जब भी हथियार से फायरिंग होती है, चाहे वो ट्रेनिंग हो या ऑपरेशन, उसके तुरंत बाद उसकी गहराई से सफाई जरूरी मानी जाती है.
सामान्य तौर पर हथियारों की पूरी सर्विसिंग हर तीन महीने में और चिकनाई यानी ऑयलिंग-लुब्रिकेशन हर छह महीने में करने का नियम है. इसके साथ ही समय-समय पर रेंज फायरिंग करके यह भी जांचा जाता है कि हथियार सही ढंग से काम कर रहा है या नहीं.
सफाई क्यों करनी पड़ती है?
जब भी किसी हथियार से गोली चलती है, तो बैरल के अंदर बारूद जलने से कार्बन जमा हो जाता है. अगर इसे समय पर साफ न किया जाए, तो यह गंदगी नमी को अपनी तरफ खींचती है, जिससे हथियार के अंदरूनी पुर्जों में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है. जंग लगने से हथियार की बैरल खराब हो सकती है, जिससे न सिर्फ निशाना लगाने की क्षमता प्रभावित होती है बल्कि हथियार के जाम होने या खराब होने का भी खतरा बना रहता है. इसलिए नियमित सफाई से हथियार लंबे समय तक सही हालत में और भरोसेमंद बना रहता है.
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सफाई के दौरान क्यों होता है ऐसा हादसा?
सफाई के दौरान गोली चलने जैसे हादसे ज्यादातर तब होते हैं, जब हथियार की मैग्जीन ठीक से नहीं निकाली जाती या चैंबर में गलती से कोई गोली रह जाती है. सुरक्षा नियमों के मुताबिक किसी भी हथियार को साफ करने से पहले सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि मैगजीन पूरी तरह अलग कर दी गई हो और चैंबर को खोलकर देख लिया जाए कि उसमें कोई गोली तो नहीं बची है.
इसके अलावा सफाई के दौरान हथियार की नली यानी बैरल का मुंह हमेशा ऐसी दिशा में रखना चाहिए, जहां किसी इंसान के होने की संभावना न हो. जरा सी लापरवाही या जल्दबाजी में इन नियमों को नजरअंदाज करने से ऐसे हादसे हो सकते हैं, जैसा कि दंतेवाड़ा में देखने को मिला.
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