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इन गैजेट्स को सरकार ने रातोंरात किया था बैन, इस्तेमाल करने वाले तुरंत भेजे जाते हैं जेल

कुछ ऐसे गैजेट्स हैं जिनका गलत इस्तेमाल व्यवस्था और लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. यही वजह है कि सरकार को कुछ बहुत खतरनाक गैजेट्स पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह बैन करना पड़ा.

टेक्नोलॉजी के इस दौर में मार्केट में हर दिन नए-नए गैजेट्स सामने आ रहे हैं. इनमें से कुछ डिवाइस जहां लोगों की जिंदगी आसान बनाते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनका गलत इस्तेमाल कानून-व्यवस्था और लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. यही वजह है कि सरकार को कुछ बहुत खतरनाक गैजेट्स पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह बैन करना पड़ा. ऐसे में चलिए आज हम आपको ऐसे गैजेट्स के बारे में बताते है जिन पर सरकार ने रातोंरात बैन लगा दिया था औउ इनका इस्तेमाल करने वाले तुरंत जेल भी भेजे जा सकते हैं. 

नंबर प्लेट हाइड करने वाली डिवाइस

इस डिवाइस का मकसद ही गैरकानूनी कामों को अंजाम देना था. इसे बाइक या कार की नंबर प्लेट के साथ फिट किया जाता है. फिर जैसे ही रिमोट दबाया जाता है, नंबर प्लेट फ्लिप होकर छिप जाती है. चोर और अपराधी इस डिवाइस की मदद से वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते थे. बड़े स्तर पर इसके गलत इस्तेमाल की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने इस पर पूरी तरह से बैन लगा दिया.

रिंग पिस्टल

यह एक बहुत खतरनाक हथियार है जिसे अंगूठी की तरह उंगली में पहना जा सकता है. छोटे आकार की यह पिस्टल दिखने में भले ही खिलौने जैसी लगे, लेकिन इससे जानलेवा हमला किया जा सकता है. बटन दबाते ही यह फायर करने लगती है, इससे आठ राउंड फायर किए जा सकते हैं. इसे सेल्फ डिफेंस के नाम पर डिजाइन किया गया था, लेकिन बाद में लोग इसे डराने के लिए इस्तेमाल करने लगे. एक हादसे में बच्चे की जान जाने के बाद इसे बैन कर दिया गया.

डेडली फ्लेम थ्रोअर

यह डिवाइस देखने में किसी मशीन की तरह लगता है, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक होता है. यह एक बार में कई फीट तक आग छोड़ सकता है. आग का दबाव इतना ज्यादा होता है कि सामने मौजूद व्यक्ति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. विदेशों में इसका इस्तेमाल बर्फ हटाने या घास जलाने के लिए होता है, लेकिन भारत में इसके खतरे को देखते हुए सरकार ने इस पर रोक लगा दी.

मास्टर पिन

ये लॉक पिन एक ऐसे कवर में आते हैं, जो बिल्कुल क्रेडिट कार्ड जैसे दिखते हैं. इसके अंदर अलग-अलग तरह के पिन होते हैं, जिनकी मदद से लगभग हर तरह का ताला खोला जा सकता है. एक बार इस्तेमाल करना सीख लेने के बाद चोरी करना बहुत आसान हो जाता है. चोरी की घटनाओं में इसके इस्तेमाल के बढ़ते मामलों के बाद सरकार ने इन्हें गैरकानूनी घोषित कर दिया.

माइक्रो हिडन ईयरफोन

यह छोटा सा ईयरफोन कान के अंदर इस तरह फिट हो जाता है कि बाहर से पता ही नहीं चलता. इसका माइक्रोफोन और कंट्रोल सिस्टम कपड़ों के अंदर छुपाया जा सकता है. एक समय पर इसका इस्तेमाल कॉलेज और एग्जाम हॉल में चीटिंग के लिए खूब हुआ. गलत इस्तेमाल को देखते हुए सरकार ने इस डिवाइस पर भी बैन लगा दिया.

रेडियोएक्टिव वॉच

इस वॉच का डिजाइन इतना अजीब और डरावना था कि देखने वाले को यह किसी रेडियोएक्टिव मशीन जैसी लगती थी. इसके लुक्स की वजह से लोगों में डर फैला था. हालांकि यह वॉच रिचार्जेबल थी और सामान्य फीचर्स के साथ आती थी, लेकिन इसके डिजाइन को लेकर बढ़ती शिकायतों के बाद सरकार ने इसे बैन कर दिया.

लेजर पॉइंट

यह साधारण लेजर लाइट नहीं, बल्कि बहुत ताकतवर डिवाइस है. इसकी रेंज कई किलोमीटर तक होती है और इससे कागज, कपड़े, जानवर और इंसान तक को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. एक घटना में लेजर से झुलसने के कारण बच्चे की मौत हो गई थी. ऐसे कई मामलों के बाद सरकार ने इस पर हमेशा के लिए रोक लगा दी.

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कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है.

करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां  उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है.

पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.

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