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Indian Railways Pet Rules: क्या ट्रेन में कुत्तों को ले जा सकते हैं, जानें क्या है भारतीय रेलवे का नियम

Indian Railways Pet Rules: पालतू जानवरों के मालिकों में अक्सर इस बात को लेकर चिंता रहती है कि क्या भारतीय रेलवे में कुत्तों को ले जाने की अनुमति है या फिर नहीं. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

Indian Railways Pet Rules: भारत में पालतू जानवरों के साथ यात्रा करना काफी उलझन भरा हो सकता है. खासकर जब बात ट्रेन की हो. कई पालतू जानवरों के मालिक इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं कि क्या भारतीय रेलवे में कुत्तों को ले जाने की अनुमति है या फिर नहीं. इसका जवाब है हां. कुत्ते ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं लेकिन सिर्फ सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री आराम सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए कुछ खास नियमों के तहत. आइए जानते हैं क्या हैं ये नियम.

फर्स्ट एसी या फर्स्ट क्लास में कुत्तों के साथ यात्रा

भारतीय रेलवे कुत्तों को उनके मालिकों के साथ फर्स्ट एसी केबिन या फिर फर्स्ट क्लास डिब्बों में यात्रा करने की अनुमति देता है. लेकिन ऐसा तभी किया जा सकता है जब मलिक पूरा डिब्बा बुक करता है.  किसी अन्य यात्री को असुविधा न हो या फिर पालतू जानवरों से एलर्जी ना हो इस वजह से यह नियम बनाया गया है.  पूरा कैबिन बुक हो जाने के बाद डीआरएम या फिर महाप्रबंधक कार्यालय द्वारा अनुरोध पर कार्रवाई की जाती है और अमूमन बिना किसी कठिनाई के मंजूरी दे दी जाती है.

बाकी डिब्बों में कुत्तों को अनुमति क्यों नहीं

एसी स्लीपर, एसी चेयर कार, स्लीपर क्लास और बाकी दूसरी श्रेणी के डिब्बों में कुत्तों का प्रवेश पूरी तरह से बैन है. इन डिब्बों में कई यात्री होते हैं और पालतू जानवर दूसरों को परेशान कर सकते हैं. इतना ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. यही वजह है कि भारतीय रेलवे साझा डिब्बों में पालतू जानवरों को खुले में ले जाने की अनुमति नहीं देता.

पार्सल वैन या फिर डॉग बॉक्स का इस्तेमाल 

अगर पूरा डिब्बा बुक नहीं किया जा सकता तो भारतीय रेलवे एक और तरीका प्रदान करता है. ब्रेक/पार्सल वैन में बने एक खास डॉग बॉक्स में कुत्ते को ले जाया जा सकता है. यह खास तौर से पालतू जानवरों के लिए बनाया गया एक सुरक्षित स्थान है. पालतू जानवरों के मालिकों को स्टेशन पार्सल कार्यालय के जरिए इस सेवा को बुक करना होता है. यहां कुत्तों की जांच की जाती है, उनका दस्तावेजीकरण किया जाता है और परिवहन के लिए निर्दिष्ट डिब्बे में सुरक्षित रूप से रखा जाता है.

पिल्लों और छोटी बिल्लियों के लिए यात्रा नियम 

भारतीय रेलवे छोटे पिल्लों और बिल्लियों के बच्चों के लिए छूट देता है. यदि वे हाथ बास्केट या फिर कैरियर में फिट हो सकते हैं तो वह मालिक के साथ किसी भी डिब्बे में यात्रा कर सकते हैं. बस मालिकों को सामान्य शुल्क का भुगतान करना होगा.

क्या है बुकिंग प्रक्रिया 

फिलहाल भारतीय रेलवे पालतू जानवरों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा नहीं दे रहा है. मालिकों को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्टेशन पर पार्सल बुकिंग कार्यालय पर जाना होगा. क्योंकि यह प्रक्रिया काफी ज्यादा बड़ी है इस वजह से प्रस्थान से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले स्टेशन पहुंचना जरूरी है. हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेलवे जल्द ही ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर सकता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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