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USA Independence Day: लाखों लोगों ने लड़ी लड़ाई, हजारों ने गंवाई जान, फिर आजाद हो पाया दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क

अमेरिका आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका भी एक समय पर ब्रिटेन का गुलाम था. जानिए आखिर अमेरिका को कब और कैसे आजादी मिली थी?

अमेरिका जिसे आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है. क्या आप जानते हैं कि एक वक्त अमेरिका भी गुलाम था. दुनिया के कई देशों की तरह अमेरिका पर भी लंबे समय तक राज किया गया था. अमेरिका को 4 जुलाई 1776 के दिन आजादी मिली थी. आज हम आपको बताएंगे कि अमेरिका को किस देश ने गुलाम बनाया था और अमेरिका को आजादी कैसे मिली थी. 

अमेरिका

भारत समेत अन्य देशों की तरह अमेरिका को भी ब्रिटेन ने लंबे समय तक गुलाम बनाकर रखा था. ब्रिटेन ने दुनिया के करीब 80 देशों और आइलैंड पर शासन किया है. ब्रिटिश साम्राज्य में दुनिया के करीब 26% इलाके इसके अधीन थे, इसमें अमेरिका देश भी शामिल था. आज भी लोगों को सुनकर आश्चर्य होता है कि आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी कभी ब्रिटिश का गुलाम रहा है. 
बता दें कि हर साल 4 जुलाई के दिन अमेरिका अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. क्योंकि 4 जुलाई 1776 को अमेरिका ने ब्रिटिश साम्राज्‍य से आजाद होने का ऐलान किया था. इसी के साथ ही संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका की स्थापना हुई थी. इस बार 4 जुलाई के दिन अमेरिका 248 वां स्‍वतंत्रता दिवस मना रहा है.

कैसे हुआ अमेरिका गुलाम

कहा जाता है कि क्रिस्टोफर कोलंबस जब भारत आने के लिए यूरोप से निकला था, उस वक्त वो गलती से अमेरिका पहुंच गया था. इसके बाद कोलंबस ने अपने लोगों को नए द्वीप के बारे में बताया था. इसके बाद ब्रिटिश लोग सबसे ज्यादा तादाद में उस आइलैंड पर पहुंचकर, अमेरिका पर कब्जा कर लिया था. भारत की तरह अमेरिका पर भी ब्रिटिश ने अत्याचार किये थे. इससे ब्रिटिश ऑफिसर्स और अमेरिकियों के बीच टकराव पैदा होने लगा था.

कैसे मिली आजादी

बता दें कि 4 जुलाई को अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. साल 1941 से इस दिन अमेरिका में 4 जुलाई को महत्वपूर्ण संघीय अवकाश घोषित होता रहा है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा 18वीं शताब्दी और अमेरिकी क्रांति से चली आ रही है. 4 जुलाई, 1776 को 13 ब्रिटिश कालोनियों के प्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया था, जो थॉमस जेफरसन द्वारा अपनाया गया एक ऐतिहासिक दस्तावेज था. इसी दिन अमेरिकी उपनिवेशों ने खुद को ब्रिटिश शासन से आजाद घोषित कर दिया था. 1776 से लेकर आज तक हर साल 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. 

आजादी के लिए वोटिंग

अमेरिकी उपनिवेशों ब्रिटेन से आजादी 4 जुलाई 1776 को मिली थी. लेकिन इसकी प्रक्रिया 2 जुलाई 1776 को हुई थी, जब कॉन्टिनेंटर कांग्रेस ने स्वतंत्रता की घोषणा के लिए गुप्त मतदान किया था. उस दिन 12 से 13 अमेरिकी उपनिवेशों ने आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश शासन से अलग होने का फैसला किया था. अमेरिकी उपनिवेशों को स्वतंत्रत राज्य घोषित करने वालों में उस समय के प्रसिद्ध राजनेता और राजनयिक थॉमस जेफरसन और राजनीतिक दार्शनिक बेंजामिन फ्रैंकलिन शामिल थे. जेफरसन बाद में अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति बने थे.

कितने लोगों की गई थी जान

बता दें कि अमेरिका में ब्रिटिश औपनिवेशक साम्राज्‍य की नींव जेम्‍स प्रथम के शासनकाल में रखी गई थी. वहीं रेड इंडियन अमेरिका के मूल निवासी हैं. अमेरिका को पूर्ण स्‍वतंत्रता 4 जुलाई 1776 को मिली थी. हालांकि अमेरिका की आजादी लड़ाई 1783 ई. (पेरिस की संधि के मुताबिक) खत्‍म हुई थी. अमेरिका स्‍वतंत्रता संग्राम के नायक जॉर्ज वाशिंगटन थे, जो बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे. जानकारी के मुताबिक अमेरिका की आजादी में लाखों लोगों ने लड़ाई लड़ी थी और हजारों लोगों ने जान गंवाई थी.  कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सक्रिय सैन्य सेवा के दौरान 25,000 से 70,000 अमेरिकी देशभक्तों की मृत्यु हो गई थी, इनमें से लगभग 6,800 लोग युद्ध में मारे गए थे, जबकि कम से कम 17,000 लोग बीमारी से मर थे. बीमारी के कारण मरने वाले अधिकांश अमेरिकी अंग्रेजों द्वारा न्यूयॉर्क हार्बर के जेल जहाजों में थे. हालांकि बीमारी से मरने वालों की संख्या की सटीक गणना करना मुश्किल था, क्योंकि अनुमान है कि अकेले 1776 में कम से कम 10,000 लोग मरे थे.

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गिरिजांश गोपालन को मीडिया इंडस्ट्री में चार साल से ज्यादा का अनुभव है. फिलहाल वह डिजिटल में सक्रिय हैं, लेकिन इनके पास प्रिंट मीडिया में भी काम करने का तजुर्बा है. दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद गिरिजांश ने नवभारत टाइम्स अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की. उन्हें घूमना बेहद पसंद है. पहाड़ों पर चढ़ना, कैंपिंग-हाइकिंग करना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना उनकी हॉबी में शुमार है। यही कारण है कि वह तीन साल से पहाड़ों में ज्यादा वक्त बिता रहे हैं. अपने अनुभव और दुनियाभर की खूबसूरत जगहों को अपने लेखन-फोटो के जरिए सोशल मीडिया के रास्ते लोगों तक पहुंचाते हैं.
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