एक्सप्लोरर

क्या अमेरिका में मध्यावधि चुनाव साबित होगा गेमचेंजर? बाइडेन-ट्रंप का क्या कुछ है दांव पर और क्या होगा असर

मध्यावधि चुनाव आम तौर पर एक मौजूदा राष्ट्रपति पर जनमत संग्रह के रूप में कार्य करते हैं. यही कारण है कि राष्ट्रपति बाइडेन की साख दांव पर लगी है.

America Mid Term Election: अमेरिका में आज मिड टर्म इलेक्शन (America Mid Term Election) होंगे. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव (President Election) के मद्देनजर इस चुनाव को काफी अहम माना जा रहा है. अमेरिका के दो दिग्गज नेताओं राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की साख दांव पर लगी है. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि क्या अमेरिका में मध्यावधि चुनाव गेमचेंजर साबित होंगे? आखिर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच किसके पास बढ़त है? प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और क्या महंगाई चुनाव में प्रमुख मुद्दा है? चलिए आपको इस चुनाव के बारे में सबकुछ डिटेल में समझाते हैं.

चुनाव की पृष्ठभूमि क्या है?

मध्यावधि चुनाव डेमोक्रेट के लिए उच्च दांव लगाते हैं, जिन्होंने अब तक कांग्रेस और व्हाइट हाउस पर भारी नियंत्रण का आनंद लिया है. अनुमानों से पता चलता है कि वे सदन में अपना बहुमत खो सकते हैं. इस संदर्भ में एक प्रासंगिक तथ्य यह है कि पिछले तीन राष्ट्रपति - डोनाल्ड ट्रंप, बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश में से प्रत्येक के तहत मध्यावधि चुनावों के बाद व्हाइट हाउस को नियंत्रित नहीं करने वाली पार्टी के लिए सदन फ़्लिप कर गया. 

अधिकांश सर्वे इस बात से सहमत हैं कि मध्यावधि चुनाव आम तौर पर एक मौजूदा राष्ट्रपति पर जनमत संग्रह के रूप में कार्य करते हैं. हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी ने कई जातियों में जो बढ़त हासिल की है. पुनर्वितरण के अलावा, चुनाव परिणाम पर संभावित प्रभाव के साथ एक दूसरा महत्वपूर्ण कारक यह है कि मतदाता 6 जनवरी के दंगों की कांग्रेस की जांच और ट्रंप के कथित समर्थकों के कैपिटल इमारतों पर हमले और वर्गीकृत दस्तावेजों की जब्ती को कैसे देखेंगे. इन घटनाक्रमों पर मतदाताओं की राय इस बात का भी संकेत देगी कि "ट्रंपवाद" की घटना अभी भी अमेरिकियों के बीच समर्थन को किस हद तक जगाती है.

मध्यावधि के बाद आर्थिक नीति का दृष्टिकोण क्या होगा?

सर्वेक्षणों से पता चलता है कि आम अमेरिकी ने खराब अर्थव्यवस्था, अपराध, आप्रवास, जलवायु परिवर्तन जैसी तमाम बातों का सामना किया है. यह आंशिक रूप से इस तथ्य को भी दिखाता है कि हाल के महीनों में बेरोजगारी में तेजी से गिरावट आई है. वहीं अर्थव्यवस्था मुद्रास्फीति में तेजी से घिरी हुई है जिसने भोजन और ऊर्जा जैसे घरेलू सामानों की लागत को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया है.

जो बाइडेन को इन जटिल नीतिगत चुनौतियों से न केवल फ्रंट फुट पर लड़ना होगा, बल्कि यह संभावना है कि मध्यावधि चुनाव के परिणाम वाशिंगटन में गतिरोध को बढ़ा सकते हैं अगर सदन रिपब्लिकन पार्टी के पास जाता है. इस परिदृश्य में व्हाइट हाउस को अपने एजेंडे पर और समझौता करने और विपक्ष के साथ सौदों में कटौती करने के लिए मजबूर किया जा सकता है जो अर्थव्यवस्था के लिए अपनी मूल नीति दृष्टि को कमजोर कर सकता है.

कौन से अन्य नीतिगत मुद्दे मध्यावधि परिणाम को प्रभावित करेंगे?

यूक्रेन के प्रति अमेरिका का नीतिगत रुख, आपराधिक न्याय प्रणाली, अमेरिकी लोकतंत्र की गुणवत्ता और निरंतर पक्षपातपूर्ण संघर्ष अन्य प्रमुख मुद्दे हैं जो मतदाता विकल्पों को प्रभावित करेंगे और बाद में नीतिगत परिवर्तनों में प्रकट हो सकते हैं. हालांकि, यूक्रेन के मामले में बाइडेन के नेतृत्व में अमेरिका, यूरोप और अन्य जगहों पर सहयोगियों के साथ दृढ़ता से खड़ा रहा है.

इसी के साथ, न्यायिक नियुक्तियों के संबंध में जो बाइडेन पहले ही कम से कम 75 न्यायाधीशों को नामित करने में सफल रहे हैं. ट्रंप की तुलना में काफी अधिक. हालांकि, डेमोक्रेट के लिए यह प्रक्रिया रुक भी सकती है अगर सदन उनके हाथ से चला जाता है तो.

ये भी पढ़ें- अमेरिका में आज मध्यावधि चुनाव, ट्रंप-बाइडेन के लिए अग्निपरीक्षा, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव पर पड़ेगा असर

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
महाराष्ट्र TET पेपर लीक: CJP के अभिजीत दीपके बोले, 'दूसरे दलों के विधायकों-सांसदों को...'
महाराष्ट्र TET पेपर लीक: CJP के अभिजीत दीपके बोले, 'दूसरे दलों के विधायकों-सांसदों को...'
बारिश में धुल गया भारत और ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप मैच, तो कैसे होगा सेमीफाइनल का फैसला? समझें पूरा गणित
बारिश में धुल गया भारत और ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप मैच, तो कैसे होगा सेमीफाइनल का फैसला? समझें पूरा गणित
Lockupp 2: 'कपल वाला फील नहीं...' गौरव खन्ना से तलाक लेंगी पत्नी आकांक्षा चमोला, 1 साल से रह रहीं अलग
'कपल वाला फील नहीं...' गौरव खन्ना से तलाक लेंगी पत्नी आकांक्षा चमोला, 1 साल से रह रहीं अलग

वीडियोज

Sansani | Crime News | Muharram | Poisonous Capsules:मुहर्रम जुलूस में 'जहरीली गोलियां' बांटने की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश!
Ram Mandir Theft | Ayodhya | Champat Rai | Janhit: चंपत राय 'अग्निपरीक्षा' से डर रहे हैं?
Ram Mandir Donation Theft | Sandeep Chaudhary: 'खतरनाक खेल', दान चोरों को बचाया जा रहा है?
Ram Mandir Theft | Shastrartha: इस्तीफा, घोटाले के आरोप और आस्था का सवाल, देखिए पूरी पड़ताल!
Ram Mandir Theft | Champat Rai | Abp News: चढ़ावे घोटाले में क्यों 'चंपत' हैं असली आका?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
महाराष्ट्र TET पेपर लीक: CJP के अभिजीत दीपके बोले, 'दूसरे दलों के विधायकों-सांसदों को...'
महाराष्ट्र TET पेपर लीक: CJP के अभिजीत दीपके बोले, 'दूसरे दलों के विधायकों-सांसदों को...'
बारिश में धुल गया भारत और ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप मैच, तो कैसे होगा सेमीफाइनल का फैसला? समझें पूरा गणित
बारिश में धुल गया भारत और ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप मैच, तो कैसे होगा सेमीफाइनल का फैसला? समझें पूरा गणित
Lockupp 2: 'कपल वाला फील नहीं...' गौरव खन्ना से तलाक लेंगी पत्नी आकांक्षा चमोला, 1 साल से रह रहीं अलग
'कपल वाला फील नहीं...' गौरव खन्ना से तलाक लेंगी पत्नी आकांक्षा चमोला, 1 साल से रह रहीं अलग
Welcome To The Jungle Records: 'वेलकम टू द जंगल' बनी तूफान, धुआंधार कमाई के साथ पहले दिन तोड़े ये 9 बड़े रिकॉर्ड्स
'वेलकम टू द जंगल' बनी तूफान, धुआंधार कमाई के साथ पहले दिन तोड़े ये 9 बड़े रिकॉर्ड्स
TMC Crisis: क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब
क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब
खूंखार टाइगर के सामने लंगूर की शरारत, वायरल वीडियो देखकर नहीं रुकेगी हंसी
खूंखार टाइगर के सामने लंगूर की शरारत, वायरल वीडियो देखकर नहीं रुकेगी हंसी
बड़ी खबर: 9वीं से 12 तक के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए अपार आईडी अनिवार्य
बड़ी खबर: 9वीं से 12 तक के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए अपार आईडी अनिवार्य
Embed widget