'युद्ध का सीधा असर फिल्म इंडस्ट्री पर...' गजेंद्र चौहान ने मिडिल ईस्ट को लेकर जताई चिंता
Gajendra Chauhan: हाल ही में दिग्गज एक्टर गजेंद्र चौहान ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध जैसे हालात का सीधा असर फिल्म इंडस्ट्री, शूटिंग और कलाकारों की कमाई पर पड़ता है.

ईरान, इजरायल और अमेरिका जैसे देशों के बीच चल रहे तनाव को लेकर भारतीय मनोरंजन जगत की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. इसी बीच, दिग्गज एक्टर गजेंद्र चौहान ने आईएएनएस से बात करते हुए मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात पर खुलकर अपनी राय रखी.
गजेंद्र चौहान ने मिडिल ईस्ट को लेकर जताई चिंता
दूरदर्शन के पॉपुलर शो 'महाभारत' में युधिष्ठिर की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले गजेंद्र चौहान ने कहा कि किसी भी तरह का युद्ध पूरी दुनिया को प्रभावित करता है और फिल्म इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं रह सकती. आईएएनएस संग बातचीत में गजेंद्र चौहान ने कहा, 'युद्ध हमेशा विनाशकारी होता है. इसका असर सिर्फ उन देशों तक सीमित नहीं रहता जो सीधे तौर पर इसमें शामिल होते हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और व्यापारिक साझेदार देशों पर भी पड़ता है.'
गजेंद्र ने यूएई जैसे देशों का नाम लेते हुए कहा, 'बॉलीवुड के कई कलाकार, सिंगर और प्रोडक्शन हाउस अक्सर मिडिल ईस्ट में शूटिंग, स्टेज शो और कॉन्सर्ट के लिए जाते हैं. ऐसे में जब वहां माहौल खराब होता है, लड़ाई या तनाव बढ़ता है, तो सबसे पहले एंटरटेनमेंट से जुड़े इवेंट्स कैंसिल या पोस्टपोन कर दिए जाते हैं. इसका सीधा असर कलाकारों और उनके साथ काम करने वाली टीम पर पड़ता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.'
'युद्ध का असर सीधा देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है', गजेंद्र चौहान
उन्होंने आगे कहा, 'युद्ध का असर सीधा देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. जैसे ही हालात बिगड़ते हैं, तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं और महंगाई भी ऊपर चली जाती है. फिल्म बनाना पहले ही महंगा काम है. इसमें ट्रैवल, सामान, लोकेशन और बड़ी टीम का खर्च शामिल होता है. ऐसे में जब पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है तो आने-जाने और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता है, जिससे फिल्म का खर्चा भी बढ़ जाता है.'
अगर हालात ज्यादा खराब हो जाएं तो सिनेमाघर कुछ समय के लिए बंद भी हो सकते हैं, टिकट महंगे हो सकते हैं और विदेशों में होने वाले शो रद्द हो सकते हैं. बड़े सितारे तो शायद ये नुकसान संभाल लें, लेकिन छोटे कलाकारों, तकनीशियनों और रोज़ की कमाई पर काम करने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है.
View this post on Instagram
खराब हालात से शूटिंग पर असर
गजेंद्र चौहान ने कहा, 'शांति का माहौल ही कला और क्रिएटिविटी को आगे बढ़ाता है. जब समाज सुरक्षित और हालात स्थिर होते हैं, तभी कला और संस्कृति सही तरह से आगे बढ़ पाती है. लेकिन युद्ध जैसे हालात में लोगों के मन में डर बैठ जाता है, जिसका असर कामों पर भी पड़ता है.'
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से उड़ानें रद्द होने की खबरें आ रही हैं. इससे सिर्फ एविएशन सेक्टर ही नहीं, बल्कि लगातार ट्रैवल करने वाले कलाकारों और फिल्म यूनिट्स को भी दिक्कत होती है. शूटिंग में देरी, शो रद्द होना और अनिश्चितता से मानसिक तनाव भी बढ़ता है.
कई मुश्किल दौर देख चुकी है फिल्म इंडस्ट्री
हॉलीवुड और बॉलीवुड के सहयोग और विदेशी लोकेशनों पर शूटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि आर्थिक और राजनीतिक हालात आपस में जुड़े होते हैं. अगर दुनिया भर में आर्थिक झटका लगता है, तो उसका असर फिल्म इंडस्ट्री पर भी पड़ता है. उन्होंने याद दिलाया कि फिल्म इंडस्ट्री पहले भी कई मुश्किल दौर देख चुकी है, चाहे आर्थिक मंदी हो या महामारी.
हर बार इस इंडस्ट्री ने खुद को बदला है और नए रास्ते निकाले हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म, कम लागत वाली फिल्में और नई सोच आने वाले समय में रास्ता दिखा सकती हैं. उनके मुताबिक, यह इंडस्ट्री अपनी मजबूती और क्रिएटिविटी के दम पर हर मुश्किल से बाहर निकलने की ताकत रखती है.
Source: IOCL

























