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भीमा कोरेगांव मामले पर ट्विंकल खन्ना का तीखा हमला, कहा- एक-एक करके ही छिनती है आजादी
भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के सिलसिले में गिरफ्तार पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लेकर नेताओं और अभिनेताओं की अलग- अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी क्रम में अब लेखिका और एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने अपना रिएक्शन ट्विटर के जरिए दिया है.

नई दिल्ली: भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के सिलसिले में गिरफ्तार पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लेकर नेताओं और अभिनेताओं की अलग- अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी क्रम में अब लेखिका और एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने अपना रिएक्शन ट्विटर के जरिए दिया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए इस कदम की निंदा की है और देश के लोकतंत्र पर खतरा बताया है. उनका कहना है कि आजादी यूं ही एक दिन में नहीं छिन जाती बल्कि एक-एक कर के ली जाती है. ट्विंकल ने ट्विट किया, 'आजादी को एक झटके में नहीं छीना जाता. वो एक तबके, एक वक्त , एक एक्टिविस्ट, एक वकील और एक लेखक के बाद अंत में हम सब से छीन ली जाती है.'
सिर्फ ट्विंकल खन्ना ही नहीं बल्कि स्वरा भास्कर ने भी अपने ही अंदाज में इसका विरोध किया. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की जिसमें नए भारत की तस्वीर दिखाई गई है. इस तस्वीर में एक साइड एक्टिविस्ट नजर आ रहे हैं तो दूसरी तरफ लिंचिंग करने वाले. तस्वीर में लिंचिंग करने वाले को बेल और एक्टिविस्ट को जेल जाते हुए दिखाया गया है.Freedom is not lost all at once, it is lost in units of one, one at a time, one activist, one lawyer, one writer till finally it’s each one of us..
— Twinkle Khanna (@mrsfunnybones) August 29, 2018
क्या है सामाजिक कर्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मामला महाराष्ट्र पुलिस ने कल देशव्यापी कार्रवाई करके हैदराबाद से तेलुगू कवि वरवर राव को गिरफ्तार किया था जबकि वेरनान गोंसाल्विज और अरूण फरेरा को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था. इसी तरह पुलिस ने ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को हरियाणा के फरीदाबाद और सिविल लिबर्टी कार्यकर्ता गौतम नवलखा को नयी दिल्ली से गिरफ्तार किया था. भीमा कोरेगांव मामला: गिरफ्तारियों पर बोले यशवंत सिन्हा- देश में अब भी हैं आपातकाल जैसे हालात पुलिस के मुताबिक कवि वरवरा राव के घर छापेमारी इसलिए की गयी क्योंकि इसी साल जून में एक आरोपी रोना विल्सन के घर से मिली एक चिट्ठी में उनका नाम था. उस चिट्ठी में राजीव गांधी की हत्या जैसी प्लानिंग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात लिखी थी. पुलिस का कहना है कि इसके बाद जांच में तेजी लाते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया. भीमा कोरेगांव मामले में सभी 5 लोग अगली सुनवाई तक हाउस अरेस्ट रहेंगे- सुप्रीम कोर्ट इस विवाद की शुरुआत इसी साल जनवरी में महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़क उठी थी. पूरा झगड़ा 29 दिसंबर से शुरू हुआ था. 29 दिसंबर को पुणे के वडू गांव में दलित जाति के गोविंद महाराज की समाधि पर हमला हुआ था, जिसका आरोप मिलिंद एकबोटे के संगठन हिंदू एकता मोर्चा पर लगा और एफआईआर दर्ज हुई. एक जनवरी को दलित समाज के लोग पुणे के भीमा कोरेगांव में शौर्य दिवस मनाने इकट्ठा हुए और इसी दौरान सवर्णों और दलितों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक शख्स की जान चली गई और फिर हिंसा बढ़ती गई.🙈🙉🙊 pic.twitter.com/KEItTZi71r
— Swara Bhasker (@ReallySwara) August 29, 2018
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Source: IOCL























