‘मुन्ना भाई 3’ को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट, स्क्रिप्ट के बाद 2027 में शूटिंग की तैयारी
संजय दत्त और अरशद वारसी की 'मुन्ना भाई 3' की स्क्रिप्ट फरहाद सामजी लिख रहे हैं. फिल्म की शूटिंग 2027 में शुरू होने की संभावना है. राजकुमार हिरानी पहले ही फिल्म बनने की पुष्टि कर चुके हैं.

संजय दत्त और अरशद वारसी की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ दिखने वाली है. 'मुन्ना भाई' फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं, अब इस फिल्म को लेकर अपडेट सामने आ गया है. फिल्म की स्क्रिप्ट से लेकर शूटिंग तक कई अपडेट्स सामने आए हैं.
123 तेलुगु की रिपोर्ट के मुताबिक, फरहाद सामजी को 'मुन्ना भाई 3' के स्क्रीनप्ले की जिम्मेदारी दी गई है. फिलहाल, फिल्म की कहानी को शब्दबद्ध किया जा रहा है. स्क्रिप्ट पूरी होने के बाद ही प्रोजेक्ट की आगे की जानकारियां सामने आएंगी. जानकारी के मुताबिक, फिल्म की स्क्रिप्ट जल्द ही पूरी होने वाली है.
दिलचस्प बात यह है कि फरहाद सामजी का इस फ्रेंचाइजी से पहले भी जुड़े रहे हैं. इस फ्रैंचाइजी की पहली फिल्म ‘मुन्ना भाई एम बी बी एस’ के गाने 'एम बोले तो' की शुरुआती लाइंस भी उन्होंने ही लिखी थीं. अब इस फिल्स की फ्रैंचाइजी के स्क्रीनप्ले की जिम्मेदारी भी उन्हें ही सौंपी गई है.
हिरानी पहले ही कर चुके हैं फिल्म की पुष्टि
'मुन्ना भाई 3' को लेकर राजकुमार हिरानी जून 2026 में भी बात कर चुके हैं. उस समय उन्होंने साफ किया था कि फिल्म जरूर बनेगी और अब इसे बनाने का सही वक्त आ गया है. उनके इस बयान ने ऑडियंस की उम्मीदें बढ़ा दी थीं, जो सालों से मुन्ना और सर्किट को दोबारा साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं. 2027 में फिल्म की शूटिंग शुरू होने की संभावना है.
क्या है पहली 2 फिल्मों की कहानी?
इस फ्रैंचाइजी की पहली फिल्म मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस. 2003 में आई थी. इस फिल्म में मुन्ना भाई मुंबई का एक डॉन है, जो अपने माता-पिता से झूठ बोलता है कि वह मुंबई में बड़ा डॉक्टर है. जब उसकी सच्चाई सामने आती है, तो वह मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर डॉक्टर बनने की कोशिश करता है. वह बेशक से डॉक्टर नहीं बन पाता लेकिन फिर भी वो वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लेता है.
इस फ्रैंचाइजी की दूसरी फिल्म 2006 में आई. ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ में मुन्ना भाई को जाह्नवी से प्यार हो जाता है. जाह्नवी का किरदार विद्या बालन ने निभाया था. उसे इंप्रेस करने के लिए वह गांधीजी के बारे में पढ़ता है. इसके बाद उसे गांधीजी दिखाई देने लगते हैं, जो उसे सच और अहिंसा के रास्ते पर चलना सिखाते हैं. इन दोनों फिल्मों में मुन्ना और उनके दोस्त सर्किट की जोड़ी देखने को मिलती है, जो इस फिल्म को मजेदार बनाती है.






















