कमल हासन ने #MeToo पर कहा, सिर्फ सिनेमा जगत तक सीमित मत रहिए, यह सभी क्षेत्रों में है
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद से भारत में मीटू कैम्पेन को नई पहचान मिली है. तब से अब तक कई बड़े सितारे इस कैम्पेन की चपेट में आ चुके हैं.

चेन्नई: भारत में मी टू अभियान के जोर पकड़ने तथा कला एवं राजनीति क्षेत्र की हस्तियों के विरूद्ध महिलाओं की ओर से यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच, अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने सोमवार को कहा कि इस मामले में सिर्फ सिनेमा जगत को ही निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. हासन ने कहा कि जब इस तरह के आरोप लगते हैं तो दोनों ही पक्षों की बात को सुनना चाहिए. उन्होंने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘‘ केवल सिनेमा जगत को निशाना मत बनाइये. हमें इसे (यौन उत्पीड़न को) समझना है, यह सभी क्षेत्रों में है.’’
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल में अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इस घटना को देश में मी टू अभियान की शुरुआत कहा जा रहा है. यह अभियान अमेरिका में हॉलीवुड में शुरू हुआ था.
एमएनएम पार्टी के संस्थापक ने कहा कि महिलाएं एक समस्या को सामने रख रही हैं और अगर आरोपों का परीक्षण करने की जरूरत पड़ती है तो इसे किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी मान्यता है कि अगर इस तरह की चीजें सामने आएंगी तो भविष्य में इस तरह का उत्पीड़न नहीं होगा.
इन सितारों के नाम आ चुके हैं सामने
भारत में इन दिनों #MeToo को लेकर हर ओर चर्चा है. फिल्म इंडस्ट्री, मीडिया जगत से लेकर राजनीति तक के लोग इसमें बेनकाब हो रहे हैं. अब तक लगे आरोपों में ज्यादातर लोगों ने खुद को पाक साफ बताया है, हालांकि कुछ लोगों ने सामने आकर माफी भी मांगी है.
आपको बता दें कि तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद से भारत में मीटू कैम्पेन को नई पहचान मिली है. तब से अब तक कई बड़े सितारे इस कैम्पेन की चपेट में आ चुके हैं. सुभाष घई, विकास बहल, कैलाश खेर, चेतन भगत, साजिद खान और आलोक नाथ जैसे सितारों पर महिलाओं ने सैक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए हैं. इन खुलासों से हिंदी सिनेमा में हडकंप मच गया है.
Source: IOCL


























