‘द सेल्समैन’ के लिए असगर फरहादी को मिला बेस्ट फॉरेन फिल्म श्रेणी का ऑस्कर

लॉस एंजिलिस: ईरानी फिल्म निर्माता असगर फरहादी को उनकी फिल्म ‘द सेल्समैन’ के लिए बेस्ट फॉरेन फिल्म श्रेणी का ऑस्कर मिला है. यह उनके करियर का दूसरा ऑस्कर है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के खिलाफ आव्रजन प्रतिबंध के विरोध में वह इस साल के ऑस्कर पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हुये.
फरहादी इस समारोह में भले ही न आए हों लेकिन उनके खरे राजनीतिक भाषण ने समारोह में उनकी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई. उनकी फिल्म के प्रतिनिधिय ने समारोह में उनका भाषण पढ़ा.

फरहादी ने पुरस्कार जीतने को ‘महान सम्मान’ बताया और दूसरी बार यह पुरस्कार देने के लिए अकादमी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने फिल्म के कलाकारों और फिल्म बनाने वाले सदस्यों समेत सभी नामित कलाकारों को धन्यवाद दिया.
समारोह में फरहादी का भाषण पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खेद है कि आज की रात मैं आप लोगों के साथ नहीं हूं. मेरी अनुपस्थिति, मेरे देश के लोगों और उन अन्य छह देशों के सम्मान के लिए है, जो अमेरिका में प्रवासियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने वाले अमानवीय कानून के कारण अपमानित हुए हैं. दुनिया को हम और हमारे शत्रु जैसे वर्गों में बांटने से डर पैदा होता है, जो कि आक्रामकता और युद्ध को तर्कसंगत ठहराने का एक पाखंडी तरीका है.’’
फिल्म निर्माता को इससे पहले वर्ष 2012 में ‘ए सेपरेशन’ के लिये ऑस्कर मिला था. शुरूआत में वह इस दौड़ में शामिल नहीं थे, क्योंकि अनेक लोगों का मानना था कि यह पुरस्कार जर्मन की ड्रामा फिल्म ‘टोनी एर्डमान’ को मिलेगा. लेकिन लगता है कि ट्रंप की आव्रजन नीति के खिलाफ पुरस्कार समारोह के बहिष्कार के कारण लोगों ने उनके पक्ष में मतदान किया.
बता दें कि 'द सेल्समैन' ईरानी दंपति एमाद और राणा की कहानी है, जिन्हें एक नए अपार्टमेंट में स्थानांतरित होना पड़ता है और एक हिंसक घटना के कारण उनकी जिंदगी में अशांति पैदा हो जाती है.
Source: IOCL

























