मां के जन्मदिन पर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, पुराने खत का अंश शेयर कर कही ये बात
अमिताभ इस पत्र को साझा करते हुए बेहद ही भावुक हो गए और उन्होंने लिखा, "इसके बाद मेरे लिए कुछ कहना ठीक नहीं होगा..उन्हें याद करते हुए खामोशी के साथ मैं मन ही मन उनके लिए प्रार्थना करता हूं."

मुंबई: अमिताभ बच्चन ने अपनी दिवंगत मां को उनके जन्मदिन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और अपने दिल में एक मौन प्रार्थना के साथ उन्हें याद किया. अभिनेता ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में अपनी मां तेजी बच्चन के साथ अपनी कई सारी अलग-अलग तस्वीरें साझा कीं.
पोस्ट की शुरुआत में वह लिखते हैं, "बस अब कुछ ही क्षणों में दुनिया की सबसे खूबसूरत मां का जन्म होता है - 12 अगस्त. सन् 1977 में हमारे एक प्रिय पारिवारिक मित्र ने मां से उन्हीं का लिखा हुआ एक पत्र हासिल किया, इसमें बेहद ही बेहतर विचारों का जिक्र था, इनके शब्दों में दार्शनिकता की सुंदरता की छाप थी."
इस पत्र के एक अंश को साझा करते हुए महानायक ने लिखा, "स्नेह, सम्मान और प्यार का प्रसार जब धीरे-धीरे होता जाता है, तब यह लंबे समय तक टिके रहता है, क्योंकि वक्त की कसौटी पर खरा उतरा हुआ होता है. वक्त किसी को भी नहीं बख्शता."
इस पत्र में आगे उन्होंने लिखा था, "जब मैं एक बच्ची थी तब अपनी घरेलू जिंदगी को सबसे बढ़कर महत्व देती थी. इस बात पर हमेशा से मेरा यकीन रहा है और इसी के चलते मैं अपने बच्चों के साथ भी पूरा का पूरा वक्त बिता पाई हूं. एक बार जब वे प्यार का इस कदर अनुभव कर लेते हैं, तो जिंदगी में चाहें उनके समक्ष कोई भी परिस्थिति क्यों न आए, उन्हें पता रहता है कि उनकी सुरक्षा के लिए उनके माता-पिता उनके पीछे हैं. यह उनके लिए एक ताकत है जो उन्हें जिंदगी में आगे लेकर जाती है. क्या आपने इस बात पर कभी गौर फरमाया है कि जिसे प्यार नहीं मिलता वह काफी ज्यादा नफरत के साथ बड़ा होता है? मैं महिलाओं की आजादी पर यकीन करती हूं, लेकिन इस आजादी की कीमत अपने घर से चुकानी पड़े, इसका समर्थन मैं नहीं करती. इसी आजादी के चलते महिलाएं उस चीज को खोती जा रही हैं, जिसने हमेशा से उन्हें भावनात्मक रूप से पुरुषों से सशक्त बनाया है और वह है उनकी कोमलता और लोगों के लिए उनका प्यार."
इस पत्र के आखिर में तेजी बच्चन ने लिखा था, "मुझे न सिर्फ प्यार किया गया, बल्कि ऐसा समझ के साथ किया गया. प्यार सिवाय एक या दो मुस्कान के कभी कुछ नहीं मांगता. प्यार कभी यह नहीं मांगता कि 'तुम मुझे क्या दे सकते हो?' बल्कि प्यार तो कहता है, 'मैं तुम्हें क्या दे सकता हूं?'..यह मेरे पति, मेरे बच्चों और दोस्तों के प्रति मेरी व्यक्तिगत सोच है."
अमिताभ इस पत्र को साझा करते हुए बेहद ही भावुक हो गए और उन्होंने लिखा, "इसके बाद मेरे लिए कुछ कहना ठीक नहीं होगा..उन्हें याद करते हुए खामोशी के साथ मैं मन ही मन उनके लिए प्रार्थना करता हूं."
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Source: IOCL





















