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त्रिपुराः 168 बूथों पर दोबारा होगा मतदान, विपक्षी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट पहुंची
वाममोर्चा के अध्यक्ष बिजन धर के अनुसार पश्चिम त्रिपुरा सीट से सीपीएम प्रत्याशी शंकर प्रसाद दत्ता ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में में चुनौती दी.

अगरतला: चुनाव आयोग की ओर से त्रिपुरा में पश्चिमी त्रिपुरा लोकसभा सीट के 168 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिए जाने के बाद विपक्षी दल सीपीएम ने बुधवार को कहा कि उसने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में फिर से चुनाव कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस बीजेपी शासित राज्य के दूसरे विपक्षी दल कांग्रेस ने भी दावा किया कि वह भी बृहस्पतिवार को शीर्ष अदालत में ऐसी ही याचिका दायर करेगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीराम तरनीकांति ने कहा कि इस लोकसभा सीट के 30 विधानसभा क्षेत्रों में से 26 के 168 मतदान केंद्रों पर 12 मई को पुनर्मतदान होगा. इस संसदीय क्षेत्र में 11 अप्रैल को चुनाव हुआ था. सीपीएम और कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए पूरे संसदीय क्षेत्र में फिर से चुनाव कराने की मांग की थी. वाममोर्चा के अध्यक्ष बिजन धर ने कहा, ''हमने पश्चिम त्रिपुरा में फिर से चुनाव कराने की मांग की थी क्योंकि ज्यादातार लोग बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से गड़बड़ी और हिंसा फैलाये जाने के कारण वोट नहीं डाल पाये थे. मतदाता केवल कुछ ही मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने के चुनाव आयोग के आदेश से ठगा सा महसूस कर रहे हैं. हमने आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पूरे निर्वाचन क्षेत्र में फिर से चुनाव कराने की मांग की.'' धर के अनुसार पश्चिम त्रिपुरा सीट से सीपीएम प्रत्याशी शंकर प्रसाद दत्ता ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में में चुनौती दी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रद्युत किशोर देबबर्मन ने कहा कि उनकी पार्टी ने याचिका का मसौदा तैयार कर लिया है और बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायाय में याचिका दायर करेगी. प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने कहा, ''चुनाव आयोग जज है और उसे पुनर्मतदान की घोषणा करने का पूरा अधिकार है.'' सुप्रीम कोर्ट के हवाले से 'चौकीदार चोर है' वाली टिप्पणी पर राहुल गांधी ने बिना शर्त मांगी माफी
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