Gujarat Election 2022: पाटीदार सीटों पर कैसा रहा है बीजेपी-कांग्रेस का प्रदर्शन? यहां जानिए
Gujarat Election 2022: गुजरात में पाटीदार जमीन धारक के साथ में खेती-किसानी करने वाली जाति है. यह जाति गुजरात की आबादी में से 12 फीसदी से ज्यादा है.

Gujarat Election 2022: गुजरात में पिछले 27 साल से भारतीय जनता पार्टी सरकार में बनी हुई है. बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी-अपनी रणनीति के तहत चुनाव प्रचार कर रही हैं, लेकिन गुजरात चुनाव जीतने के लिए सभी पार्टियां पाटीदार समुदाय पर अधिक जोर दे रही हैं. गुजरात में पाटीदारों का जिधर झुकाव होगा सत्ता उस पार्टी को जा सकती है. आइए जानते हैं गुजरात में पाटीदारों की राजनीतिक तौर पर क्या अहमियत है.
गुजरात की आबादी में 12 फीसदी हिस्सेदारी
गुजरात में पाटीदार जमीन धारक के साथ में खेती-किसानी करने वाली जाति है. यह जाति गुजरात की आबादी में से 12 फीसदी से ज्यादा है. साथ ही पाटीदार राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं. साल 2017 के गुजरात विधानसभा चुनावों में, बीजेपी ने पाटीदार बहुल सीटों पर अपना वर्चस्व कायम रखा था. पाटीदार बाहुल्य 40 सीटों में से बीजेपी ने 24 और कांग्रेस ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 15 सीटें जीती थीं.
सौराष्ट्र में कांग्रेस की मजबूत पकड़
कांग्रेस का पलड़ा सौराष्ट्र की पाटीदार बाहुल्य सीटों में भारी रहा था, जबकि अहमदाबाद और गांधीनगर के शहरी और उसके आसपास के क्षेत्रों में बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन किया था. बता दें कि 2012 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 28 सीटों पर कब्जा जमाया था, वहीं कांग्रेस के खाते में महज 9 सीटें आई थीं.
इसमें ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 2017 के चुनाव में पाटीदार युवा नेता हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पाटीदार आंदोलन चल रहा था, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला था. हालांकि बाद में हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए थे, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले हार्दिक पटेल बीजेपी में शामिल हो गए थे. बीजेपी के टिकट पर हार्दिक पटेल वीरमगाम सीट से उम्मीदवार हैं.
वहीं, अब पाटीदार आंदोलन धीमा पड़ गया है. दिलचस्प बात यह है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में 44 पाटीदार विधायक चुने गए थे. लेकिन इस बार बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पाटीदार उम्मीदवारों पर बढ़ चढ़कर दांव लगाया है.


















