Gujarat Election 2022: बीजेपी का बेस्ट स्कोर, कांग्रेस का रिकॉर्ड... गुजरात में अब तक हुए चुनाव की जानकारी 10 पॉइंट्स में पढ़िए
गुजरात विधानसभा 2022 के चुनाव से पहले गुजरात चुनाव इतिहास के महत्वपूर्ण तथ्य 10 पॉइंट्स में जान लेते हैं.

History Of Congress & BJP in Gujarat: गुजरात विधानसभा 2022 के चुनाव के मतदान में बस कुछ ही दिन का समय और बाकी है. सभी पार्टियों की तैयारियां जोरों शोरों पर है. इस बार मुकाबला द्विपक्षीय यानी कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही नहीं बल्कि अब आम आदमी पार्टी के आने से त्रिकोणीय लड़ाई मानी जा रही है. अब यह देखना काफी रोचक रहेगा कि गुजरात में वर्षों पुराना इतिहास दोहराया जाता है या नई पार्टी सत्ता में आती है. राज्य में अब तक हुए चुनाव की बड़ी बातें निम्नलिखित 10 पॉइंट्स में जानिए
अब तक हउए चुनाव की बड़ी बातें
1. गुजरात में अब तक दो ही ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जो बिना चुनाव हारे और बिना राष्ट्रपति शासन लागू किए हुए अपना कार्यकाल पूरा किया है. पहले वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जिन्होंने बतौर CM अपना कार्यकाल पूरा किया. इसके अलावा माधव सिंह सोलंकी ने 1980-1985 के बीच अपना कार्यकाल संपूर्ण रूप से पूरा किया है.
2. 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अब तक की सबसे ज्यादा सीटें 127 सीटें हासिल की थी. यह चुनाव गुजरात के गोधरा कांड के बाद आयोजित कराए गए थे. जिसके बाद मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की वापसी हुई थी.
3. 1985 के गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सबसे अधिक 149 सीटें हासिल की थी. जिसके बाद आज तक कोई भी पार्टी 130 सीटों से अधिक पर जीत हासिल नहीं कर पाई है.
4. गुजरात में सबसे छोटा कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री दिलीप पारेख रहे हैं जिन्होंने गुजरात में केवल 188 दिन शासन किया था.
5. वर्ष 1995 में भारतीय जनता पार्टी पहली बार गुजरात की सत्ता में आई थी. बीजेपी ने अनुभवी नेता केशुभाई पटेल के नेतृत्व में 121 सीटों के साथ जीत हासिल की थी.
6. गुजरात राज्य के इतिहास में नरेंद्र मोदी पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने लंबे दिनों तक गुजरात में शासन किया है. वह 46 सौ से अधिक दिनों तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दे चुके हैं.
7. वर्ष 1975 में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार सत्ता में आई थी. साल 1975 में कांग्रेस विरोधी पार्टियों के गठबंधन जनता मोर्चा के बाबूभाई जे पटेल मुख्यमंत्री बने थे. वह मार्च 1976 तक पद पर बने रहे. हालांकि उसके बाद कांग्रेस के द्वारा उनकी सरकार गिरा दी गई थी.
8. वर्ष 1996 और 1998 दो सालों को हटाते हुए भारतीय जनता पार्टी 1995 से सत्ता में रही है.
9. गुजरात में मोहन सिंह राठवा 10 बार विधायक रह चुके हैं. वह गुजरात के सबसे वरिष्ठ विधायक माने जाते हैं जिन्होंने 1972 में अपना पहला चुनाव जीता था. वह 2002 तक लगातार चुनाव जीतेते रहे. हालांकि एक बार हार दर्ज करने के बाद वह 2007 में विधानसभा में दोबारा लौटे और वह निवर्तमान विधानसभा में छोटा उदयपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं.
10. साल 1975 और 1995 के चुनाव में गुजरात विधानसभा के लिए सबसे ज्यादा संख्या में 16 निर्दलीय उम्मीदवार चुने गए. दोनों ही वर्षों के चुनावों में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी थी.
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Source: IOCL

















