Gen Z Baba: कितने पढ़े-लिखे हैं वायरल जेन जी बाबा, कहां से की है उन्होंने पढ़ाई?
वृंदावन के रहने वाले स्वामी शाश्वत आचार्य महाराज को इंटरनेट पर युवाओं की ओर से जेन जी बाबा जैसे नाम भी दिए जा रहे हैं. वह अपनी खास छवि और कम उम्र में आध्यात्मिक ज्ञान के कारण वायरल हो रहे हैं.

Gen Z Baba: सोशल मीडिया और यूट्यूब पर इन दिनों एक 19 वर्षीय कथावाचक लगातार चर्चा में बने हुए हैं. वृंदावन के रहने वाले स्वामी शाश्वत आचार्य महाराज को इंटरनेट पर युवाओं की ओर से जेन जी बाबा और पूकी बाबा जैसे नाम भी दिए जा रहे हैं. वह अपनी खास छवि और कम उम्र में आध्यात्मिक ज्ञान के कारण वायरल हो रहे हैं. माथे पर तिलक, सिर पर घुंघराले बाल और पारंपरिक ड्रेस में भागवत कथा सुनाते उनके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहे हैं. ऐसे में में बाबा को लेकर सोशल मीडिया पर लोग कई तरह के सवाल कर रहे हैं. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि वायरल जेन जी बाबा कितने पढ़े लिखे हैं और उन्होंने कहां से पढ़ाई की है.
मथुरा के कॉलेज से कर रहे लॉ की पढ़ाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथा वाचक शाश्वत आचार्य महाराज कथा वाचन के साथ अपनी पढ़ाई भी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स और उनके मामा आशुतोष शुक्ला के अनुसार 19 वर्षीय शाश्वत आचार्य महाराज उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित गिरिराज महाराज कॉलेज से बीए एलएलबी कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं. वह अपनी कानूनी शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक दीक्षा की प्रक्रिया को भी पूरी कर रहे हैं. हालांकि उनकी डिग्री को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कानून की पढ़ाई और भागवत कथा वाचन का उनका अनूठा संगम लोगों के बीच ट्रेड का विषय बना हुआ है.
ये भी पढ़ें-UP TGT Recruitment: UP TGT भर्ती में बड़ी राहत, अब ग्रेजुएशन में 50% से कम अंक वाले भी करेंगे आवेदन
4 साल की उम्र से शुरू किया भागवत का सफर
5 अगस्त 2007 को उत्तर प्रदेश के वृंदावन में जन्मे शाश्वत आचार्य का पालन-पोषण एक संत परिवार में हुआ. उनके पिता स्वामी वृंदावन आचार्य महाराज भी एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु है. घर में बचपन से ही भजन-कीर्तन और शास्त्रों पर चर्चा का माहौल रहने के कारण उनका झुकाव कम उम्र में ही आध्यात्मिक की ओर हो गया था. जानकारी के अनुसार जब दूसरे बच्चे खिलौने से खेलते थे, तब महज 4 साल की उम्र में शाश्वत महाराज ने श्रीमद् भागवत के श्लोकों का उच्चारण शुरू कर दिया था. इतनी छोटी सी उम्र में वे धार्मिक मंचों पर बैठकर कथाएं और प्रवचन देने लगे थे.
श्री धाम गोदा विहार मंदिर के हैं पीठाधीश्वर
कम उम्र में ही धार्मिक ग्रंथो की गहरी समझ और मधुर वाणी के दम पर उन्होंने वृंदावन में अपनी एक अलग पहचान बनाई. वर्तमान में 19 वर्ष की उम्र में वह वृंदावन स्थित श्री धाम गोदा विहार मंदिर के पीठाधीश्वर के पद पर आसीन है.
ये भी पढ़ें-Women in Management: किस देश में महिलाएं सबसे ज्यादा बन रहीं मैनेजर, किस नंबर पर अपना भारत?
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI






















