अब फटेगी नहीं, भीगने पर भी नहीं होगी खराब! यूपी बोर्ड की नई मार्कशीट में होंगे फीचर
यूपी बोर्ड इस साल 10वीं और 12वीं की मार्कशीट में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. नई मार्कशीट पहले से ज्यादा सुरक्षित, वाटरप्रूफ और कई आधुनिक सुरक्षा फीचर्स के साथ तैयार की जाएगी ताकि फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके.

यूपी बोर्ड से पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए इस बार एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. अब छात्रों को जो मार्कशीट दी जाएगी, वह पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ होगी. बोर्ड का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य फर्जी मार्कशीट बनाने की कोशिशों को रोकना और दस्तावेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है. नई मार्कशीट में कई ऐसे आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिनसे उसकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा.
इस बार बोर्ड की मार्कशीट में करीब 16 अलग-अलग सुरक्षा फीचर जोड़े जा रहे हैं. इनमें कुछ ऐसे फीचर होंगे जिन्हें सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा, जबकि कुछ फीचर इतने खास होंगे कि उन्हें पहचानने के लिए खास उपकरणों की जरूरत पड़ेगी. बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि इन नई तकनीकों से मार्कशीट की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी.
होलोग्राम और सिक्योरिटी कोड भी होंगे शामिल
नई मार्कशीट में सिक्योरिटी कोडिंग और होलोग्राम भी लगाया जाएगा. इसके अलावा इसमें वॉटरमार्क और रेनबो प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. ये फीचर न सिर्फ मार्कशीट को खास बनाएंगे, बल्कि उसकी पहचान भी आसान कर देंगे. अगर कोई व्यक्ति मार्कशीट की नकल करने की कोशिश करेगा तो इन सुरक्षा चिन्हों की वजह से उसे पकड़ना आसान हो जाएगा.
बदलेगा मार्कशीट का आकार
इस बार मार्कशीट के आकार में भी थोड़ा बदलाव किया गया है. अब इसे ए-4 साइज में तैयार किया जाएगा. पहले की तुलना में यह थोड़ा लंबा और साफ डिजाइन वाला होगा, जिससे जानकारी पढ़ना भी आसान होगा.
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मजबूत और पानी से सुरक्षित होगी मार्कशीट
बोर्ड ने इस बार मार्कशीट की मजबूती पर भी खास ध्यान दिया है. नई मार्कशीट को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वह आसानी से फटे नहीं. इसे नॉन-टीयर एबल बनाया जा रहा है, यानी इसे फाड़ना मुश्किल होगा. इसके साथ ही इसे वॉटरप्रूफ भी बनाया जा रहा है. अगर मार्कशीट पर गलती से पानी भी गिर जाए तो वह खराब नहीं होगी. कई बार देखा गया है कि पुराने कागज की मार्कशीट समय के साथ खराब होने लगती है. इसलिए इस बार इसे नॉन-डिग्रेडेबल बनाया जा रहा है ताकि लंबे समय तक इसकी गुणवत्ता बनी रहे.
ओवरराइटिंग करना भी नहीं होगा आसान
नई मार्कशीट में एक और खास बदलाव किया गया है. इसमें इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे कोई भी व्यक्ति उसमें ओवरराइटिंग यानी लिखावट बदलने की कोशिश नहीं कर पाएगा. अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो तुरंत पता चल जाएगा. इससे छात्रों के दस्तावेज और ज्यादा सुरक्षित रहेंगे.
कॉपियों की जांच शुरू
इस साल यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 12 मार्च 2026 को पूरी हो चुकी हैं. परीक्षा खत्म होने के बाद अब अगला बड़ा काम उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का है. बोर्ड की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से कॉपियों की जांच शुरू होगी. इसके लिए अलग-अलग जिलों में केंद्र बनाए गए हैं, जहां शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे. इसी दौरान बोर्ड ने यह भी तय किया है कि इस साल जारी होने वाली मार्कशीट को नए डिजाइन और नई तकनीक के साथ तैयार किया जाएगा.
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Source: IOCL























