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बिहार पुलिस भर्ती का इंतजार खत्म, 19,838 युवाओं का सपना हुआ पूरा; जानें डिटेल्स

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का अंतिम रिजल्ट जारी हो गया है, जिसमें 19,838 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है. आइए पूरी डिटेल्स जानते हैं.

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  • बिहार पुलिस में सिपाही के 19,838 पदों पर भर्ती की अंतिम सूची जारी.
  • 16 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी लिखित परीक्षा, 99,690 सफल हुए.
  • शारीरिक दक्षता परीक्षा में 79,932 अभ्यर्थी शामिल हुए, दौड़ में कई बाहर.
  • आरक्षण नियमों के आधार पर 45,611 योग्य पाए गए, 19,838 का अंतिम चयन.

बिहार में पुलिस की नौकरी का सपना देख रहे लाखों युवाओं का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने बिहार पुलिस और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में सिपाही के 19,838 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन सूची जारी कर दी है. रिजल्ट सामने आते ही कई घरों में खुशी का माहौल देखने को मिला. कहीं मिठाइयां बांटी गईं तो कहीं परिवार के लोग अपने बच्चों की सफलता पर गर्व करते नजर आए.

यह भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत शुरू की गई थी. 11 मार्च 2025 को भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ था, जिसके बाद लाखों युवाओं ने आवेदन किया. बिहार में सरकारी नौकरी को लेकर युवाओं में हमेशा बड़ा उत्साह देखने को मिलता है और इस बार भी कुछ ऐसा ही माहौल रहा.

भर्ती बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार लिखित परीक्षा के लिए कुल 16 लाख 73 हजार 586 अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए गए थे. परीक्षा जुलाई और अगस्त 2025 में अलग-अलग तारीखों पर आयोजित हुई थी. परीक्षा खत्म होने के बाद उम्मीदवारों की नजरें रिजल्ट पर टिकी थीं. आखिरकार 26 सितंबर 2025 को लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया गया, जिसमें 99 हजार 690 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया.

कब हुई थी PET

लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET के लिए बुलाया गया. यह परीक्षा 15 दिसंबर 2025 से 11 मार्च 2026 तक पटना के गर्दनीबाग हाई स्कूल मैदान में आयोजित की गई. इस दौरान कुल 79 हजार 932 अभ्यर्थी मैदान में उतरे. सबसे ज्यादा चुनौती दौड़ की परीक्षा में देखने को मिली, जहां 29 हजार 282 उम्मीदवार बाहर हो गए. वहीं 50 हजार 650 अभ्यर्थियों ने दौड़ पास कर अगला चरण पार किया.

हालांकि दौड़ पास करना ही अंतिम मंजिल नहीं था. इसके बाद शारीरिक जांच और दस्तावेज सत्यापन में भी कई उम्मीदवार बाहर हो गए. कुल 5 हजार 39 अभ्यर्थी अन्य कारणों से चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिए गए.

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इतने कैंडिडेट्स मिले योग्य

सभी चरण पूरे होने के बाद बोर्ड ने अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की. जांच और आरक्षण नियमों के आधार पर कुल 45 हजार 611 अभ्यर्थियों को योग्य पाया गया. इनमें 16 हजार 245 महिलाएं, 29 हजार 349 पुरुष और 17 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल रहे. लेकिन रिक्त पदों के अनुसार अंतिम रूप से 19 हजार 838 उम्मीदवारों का चयन किया गया.

आरक्षण के आधार पर सबसे ज्यादा 7 हजार 935 पद अनारक्षित वर्ग के लिए रखे गए हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1 हजार 983 पद, अनुसूचित जाति के लिए 3 हजार 174 पद और अनुसूचित जनजाति के लिए 199 पद तय किए गए हैं. इसके अलावा अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 3 हजार 571 पद, पिछड़ा वर्ग के लिए 2 हजार 381 पद और पिछड़ा वर्ग महिला वर्ग के लिए 595 पद आरक्षित किए गए हैं. खास बात यह रही कि पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 53 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को भी जगह मिली है.

इन्हें भी मिला मौका

भर्ती प्रक्रिया में गृह रक्षकों को भी मौका दिया गया. नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत पद प्रशिक्षित गृह रक्षकों से भरे जाने का प्रावधान है. इसी के तहत 867 गृह रक्षकों को शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया गया था. इनमें से 332 उम्मीदवार सफल पाए गए, जिनमें 17 महिलाएं और 315 पुरुष शामिल हैं.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

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दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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