एक्सप्लोरर

PhD का सपना होगा आसान! सरकार दे रही है 1 लाख महीने तक की स्कॉलरशिप

पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए सरकार कई फेलोशिप योजनाएं चला रही है, जिनमें 37,000 से 1 लाख तक मासिक आर्थिक सहायता और रिसर्च ग्रांट मिलती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • DST INSPIRE, AICTE, आरक्षित वर्ग को भी विशेष सहायता.

देश में हायर एजुकेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और विभिन्न सरकारी संस्थाएं पीएचडी (PhD) करने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप और फेलोशिप योजनाएं उपलब्ध कराती हैं. इन योजनाओं के तहत शोधार्थियों को हर महीने 37,000 से लेकर 1 लाख रुपये या उससे अधिक तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. साथ ही कई योजनाओं में रिसर्च ग्रांट और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं.

प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) मुख्य रूप से IIT, IISc, IISER और अन्य शीर्ष संस्थानों में पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए है. इस योजना के तहत शोधार्थियों को पहले दो वर्षों के लिए 70,000 प्रति माह, तीसरे वर्ष 75,000 और चौथे एवं पांचवें वर्ष 80,000 प्रति माह तक की फेलोशिप मिलती है. इसके अलावा पांच वर्षों में कुल 10 लाख तक का रिसर्च ग्रांट भी दिया जाता है.

UGC-NET और CSIR-NET JRF

देश में पीएचडी फंडिंग का सबसे लोकप्रिय माध्यम UGC-NET और CSIR-NET जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) है. यह फेलोशिप विज्ञान, मानविकी, सामाजिक विज्ञान और अन्य विषयों के छात्रों को दी जाती है. NET-JRF क्वालिफाई करने वाले छात्रों को शोध कार्य के दौरान मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है. फेलोशिप की अवधि आमतौर पर पांच वर्ष तक होती है, जिसमें प्रारंभिक वर्षों में JRF और बाद में SRF (सीनियर रिसर्च फेलोशिप) का लाभ मिलता है.

DST INSPIRE Fellowship

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तरह से चलाई जा रही INSPIRE Fellowship उन छात्रों के लिए है जिन्होंने विज्ञान विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं.यह फेलोशिप बेसिक और एप्लाइड साइंस के शोधार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है. इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को वैज्ञानिक अनुसंधान की ओर आकर्षित करना है.

यह भी पढ़ें - देश की पढ़ाई का आधार बनी NCERT, जानिए 1961 से अब तक का सफर

AICTE Doctoral Fellowship

इंजीनियरिंग और तकनीकी विषयों में पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए AICTE Doctoral Fellowship (ADF) एक जरूरी योजना है. इस योजना के तहत चयनित शोधार्थियों को 37,000 से 42,000 प्रतिमाह तक की फेलोशिप प्रदान की जाती है. यह योजना पूर्णकालिक पीएचडी छात्रों को शोध के दौरान आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराती है ताकि वे बेहतर तरीके से अपना अध्ययन और अनुसंधान पूरा कर सकें.

उद्योग से जुड़ी रिसर्च के लिए प्रधानमंत्री फेलोशिप

अगर कोई शोधार्थी उद्योगों से जुड़े विषयों पर रिसर्च करना चाहता है, तो प्रधानमंत्री फेलोशिप फॉर डॉक्टोरल रिसर्च उसके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है. यह योजना सरकार और निजी उद्योगों की साझेदारी पर आधारित है. इसके तहत शोधार्थियों को JRF और SRF की तुलना में कहीं अधिक वित्तीय सहायता मिल सकती है. कई मामलों में फेलोशिप राशि 1 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है.

आरक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए विशेष फेलोशिप

सरकार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए भी विशेष राष्ट्रीय फेलोशिप योजनाएं संचालित करती है. इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए प्रोत्साहित करना है. इसके अलावा UGC पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप फॉर वूमेन जैसी योजनाएं भी उपलब्ध हैं, जिनका लाभ पीएचडी पूरी कर चुकी महिलाएं उठा सकती हैं. यह योजना महिला शोधकर्ताओं को उच्च स्तर के अनुसंधान कार्य जारी रखने में सहायता प्रदान करती है.

यह भी पढ़ें - जिसने हिला दिया था CBSE का सिस्टम, अब IIT कानपुर में संभालेगा साइबर सुरक्षा की कमान

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

UPESSC PRT recruitment 2026: UP सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन की डेट बढ़ी, 4 नवंबर तक करें अप्लाई
UP सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन की डेट बढ़ी, 4 नवंबर तक करें अप्लाई
13 लाख रुपये तक CTC पाने का मौका, BEL में 350 वैकेंसी के लिए आवेदन शुरू
13 लाख रुपये तक CTC पाने का मौका, BEL में 350 वैकेंसी के लिए आवेदन शुरू
NEET PG Counselling: NEET PG 2026 के टॉप उम्मीदवारों की पहली पसंद क्या रही,  कौन सा कोर्स चुन रहे छात्र?
NEET PG 2026 के टॉप उम्मीदवारों की पहली पसंद क्या रही,  कौन सा कोर्स चुन रहे छात्र?
Jamia News: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 24 नवंबर तक ऑनलाइन क्लास, दिसंबर में ऑनलाइन होंगी परीक्षाएं
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 24 नवंबर तक ऑनलाइन क्लास, दिसंबर में ऑनलाइन होंगी परीक्षाएं

वीडियोज

Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Form-6 पर Supreme Court में क्या बहस हुई? सटीक विश्लेषण
MLC का नतीजा UP में 2027 का करेगा फैसला? सटीक विश्लेषण
YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब इस राज्य में होगा एक्शन, भ्रष्टाचार का आरोप, 700 करोड़ के नुकसान का दावा
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब इस राज्य में होगा एक्शन, भ्रष्टाचार का आरोप, 700 करोड़ के नुकसान का दावा
UP MLC Election Results 2026 Live: वाराणसी के BJP उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
Live: वाराणसी के BJP MLC उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
अब किस बात पर भड़की CJP, सौरव दास बोले- 'Gen-Z अब उनके दोस्त नहीं'
अब किस बात पर भड़की CJP, सौरव दास बोले- 'Gen-Z अब उनके दोस्त नहीं'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा क्लैश, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी रणबीर कपूर की 'रामायण'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर महाटक्कर, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी 'रामायण'
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से मांगी माफी! MLC चुनाव रिजल्ट पर बोले- एक सीट जीती है
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से मांगी माफी! MLC चुनाव रिजल्ट पर बोले- एक सीट जीती है
'कल मोदी जी बहुत खुश हो गए थे', नागपुर में कांग्रेस की जीत पर संजय राउत का तंज
'कल मोदी जी बहुत खुश हो गए थे', नागपुर में कांग्रेस की जीत पर संजय राउत का तंज
Amla Storage Tips: आंवला कैसे स्टोर करें कि महीनों चले? आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
आंवला कैसे स्टोर करें कि महीनों चले? आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
Embed widget