मेडिकल कॉलेजों में HOD बदलने के नियम पर अभी फैसला नहीं, NMC ने दी सफाई
मेडिकल कॉलेजों में हर तीन साल में HOD बदलने के प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. NMC ने साफ किया है कि इस मुद्दे पर सुझावों की समीक्षा जारी है.

- NMC ने HOD रोटेशन प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है.
- प्रस्ताव पर अभी विचार-विमर्श जारी है, हितधारकों से राय मांगी जा रही.
- NMC ने आगामी वर्षों में PG डिप्लोमा मेडिकल कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है.
- 2026-27 इन PG डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश का आखिरी वर्ष होगा.
देश के मेडिकल कॉलेजों में हर तीन साल में विभागाध्यक्ष (HOD) बदलने के प्रस्ताव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने स्थिति साफ कर दी है. आयोग की तरफ से कहा गया है कि इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और प्रस्ताव पर विचार-विमर्श अभी जारी है.
हाल के दिनों में यह खबर सामने आई थी कि मेडिकल कॉलेजों में विभागाध्यक्षों के कार्यकाल को तीन साल तक सीमित करने और उसके बाद विभाग में रोटेशन के आधार पर नए HOD की नियुक्ति करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इस खबर के बाद मेडिकल शिक्षा जगत में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. कई शिक्षकों और विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपनी राय भी रखी थी.
अभी सिर्फ चर्चा ही
अब NMC ने कहा है कि प्रस्तावित संशोधन अभी केवल चर्चा के चरण में है. उन्होंने कहा कि आयोग किसी भी बड़े बदलाव को लागू करने से पहले देशभर के संबंधित पक्षों से राय लेता है. इसी प्रक्रिया के तहत इस प्रस्ताव को भी सार्वजनिक मंच पर रखा गया था ताकि मेडिकल कॉलेजों, शिक्षकों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों की प्रतिक्रिया प्राप्त की जा सके.
जल्द आ सकता है फैसला
रिपोर्ट्स के अनुसार मिलने वाले सुझावों और आपत्तियों का अध्ययन अभी जारी है. आयोग सभी पहलुओं की समीक्षा कर रहा है और फिलहाल किसी तरह का अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. स्टेकहोल्डर के साथ बातचीत और परामर्श की प्रक्रिया अभी सक्रिय रूप से चल रही है.
National Medical Commission (NMC) offical says, "No final decision has been taken in the matter of rotation of Heads of Department after every three years in medical colleges. We follow the procedure of nationwide consultation taht was done on public domain and we are still…
— ANI (@ANI) June 24, 2026
बंद होंगे PG डिप्लोमा कोर्स
इसके अलावा बताते चलें कि एनएमसी ने फैसला किया है कि आने वाले वर्षों में सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा मेडिकल कोर्स को बंद कर दिया जाएगा. उनकी जगह डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) और मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) जैसे डिग्री कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे.
एनएमसी ने इस संबंध में देशभर के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को पत्र जारी कर दिया है. आयोग के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 PG डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश का आखिरी साल होगा. इसके बाद 2027-28 से नए छात्रों का दाखिला इन पाठ्यक्रमों में नहीं लिया जाएगा और धीरे-धीरे ये कोर्स पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे.
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