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Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti 2026: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 10 प्रेरणादायक कोट्स, जो आज भी युवाओं में भरते हैं जोश

23 जनवरी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाता है. 1897 में जन्मे नेताजी भारत के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी.

हर साल आज यानी 23 जनवरी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाता है. 1897 में जन्मे नेताजी भारत के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी. उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो उनके साहस, त्याग और दृढ़ संकल्प को सम्मान देने का दिन होता है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लोग प्यार से नेताजी कहते थे, वह सिर्फ एक राजनेता नहीं बल्कि ऐसे क्रांतिकारी नेता थे, जिन्होंने लाखों युवाओं को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़ा होने की प्रेरणा दी थी. उन्होंने शुरुआत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में अहम भूमिका निभाई और 1938 में कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने. हालांकि बाद में उन्होंने आजादी की लड़ाई के लिए कांग्रेस से अलग रास्ता चुना था. 

नेताजी ने अंग्रेजों को दी थी खुली चुनौती 

नेताजी ने आजादी के लिए सशस्त्र संघर्ष का रास्ता अपनाया था और आजाद हिंद फौज का गठन किया था. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने जापान की मदद से ब्रिटिश सत्ता को सीधी चुनौती दी थी. भले ही सैन्य रूप से आजाद हिंद फौज सफल नहीं हो पाई, लेकिन इसके असर ने ब्रिटिश शासन की नींव को हिला दिया था. आजाद हिंद फौज के मुकदमों ने पूरे देश में आजादी की चिंगारी को और तेज कर दिया था. हालांकि 1945 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की रहस्यमयी मृत्यु हो गई थी. लेकिन उनके विचार और शब्द आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है. उनके भाषण और कथन आज की पीढ़ी को भी प्रेरणा देते हैं. ऐसे में चलिए अब हम आपको नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 10 प्रेरणादायक कोट्स बताते हैं, जो आज भी युवाओं में जोश भर देते हैं. 

नेताजी के विचार जो आज भी देते हैं प्रेरणा

  • 1. मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती.
  • 2. हमारा सफर कितना ही भयानक, कष्टदायी और बदतर हो, लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना ही है. सफलता का दिन दूर हो सकता है, लेकिन उसका आना अनिवार्य है.
  • 3. आजादी दी नहीं जाती, ली जाती है. 
  • 4.  तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा.
  • 5. एक व्यक्ति किसी विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार हजारों लोगों में जिंदा रहता है. 
  • 6. सफलता, हमेशा असफलता के स्‍तंभ पर खड़ी होती है.
  • 7. इतिहास में कोई बड़ा बदलाव, सिर्फ चर्चा में नहीं हुआ. 
  • 8. याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है.
  • 9. संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमें आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ, जो पहले मुझमें नहीं था.
  • 10.  अपने देश के प्रति सदैव वफादार रहने वाले, अपने प्राणों की आहुति देने के लिए सदैव तैयार रहने वाले सैनिक अजेय होते हैं.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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