MPSC भर्ती पर छात्र आंदोलन का असर, जानें कौन-सी परीक्षाएं हुईं स्थगित?
मिजो जिरलाई पावल के सदस्य एमपीएससी परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बाद आयोग ने कई भर्ती गतिविधियों और पहले से तय परीक्षाओं व इंटरव्यू को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है.

MPSC Exam Controversy: मिजोरम लोक सेवा आयोग के कामकाज को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब भर्ती प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है. मिजो जिरलाई पावल के सदस्यों की ओर से आयोग के कार्यालय के बाहर किए जा रहे प्रदर्शन के चलते कर्मचारी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं. इसके बाद आयोग ने कई भर्ती गतिविधियों और पहले से तय परीक्षाओं व इंटरव्यू को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है. आयोग ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी
11 से 14 अगस्त तक होने वाली परीक्षाएं स्थगित
MPSC की ओर से जारी सूचना के अनुसार 11 से 14 अगस्त के बीच निर्धारित सभी लिखित परीक्षाएं और इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए हैं. इन परीक्षाओं और इंटरव्यू के लिए नई तारीखे मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद घोषित की जाएगी. आयोग ने यह भी बताया कि अलग-अलग विभाग में ग्रुप सी पदों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती है. दरअसल MPSC की ओर से तैयार किए जाने वाले गए प्रश्न पत्र मौजूदा परिस्थितियों के चलते संबंधित विभागों तक नहीं पहुंच पाए जा सके. ऐसे में संबंधित विभागों को प्रश्न पत्रों के विवरण को लेकर आयोग के अगले आदेश का इंतजार करने को कहा गया है.
इन पदों के इंटरव्यू भी टले
MPSC ने कुछ पदों के लिए निर्धारित इंटरव्यू भी स्थगित कर दिए हैं. इनमें वित्त विभाग के तहत अस्सिटेंट ऑडिट एंड अकाउंट्स ऑफिसर, असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर (वर्क) के पद शामिल है. इसके अलावा सोशल वेलफेयर, विमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के फील्ड फैसिलिटेटर के पद के लिए होने वाले इंटरव्यू भी टाल दिए गए हैं. इन पर इंटरव्यू की नई तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है.
परीक्षा केंद्रों को लेकर भी विभागों को निर्देश
आयोग ने विभागों को भी वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी है, जिन्होंने अपने भर्ती परीक्षाओं के लिए MPSC के परीक्षा हॉल इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी. यानी मौजूदा स्थिति का असर सिर्फ MPSC की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आयोग के परीक्षा केंद्रों का इस्तेमाल करने वाले विभागों की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा सरकारी विभागों में कर्मचारियों की पदोन्नति, नियमितीकरण और सेवा की पुष्टि से जुड़े डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है.
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क्यों हो रहा है MPSC के खिलाफ प्रदर्शन?
MPSC कार्यालय के बाहर मिजो जिरलाई पावल का प्रदर्शन सोमवार से चल रहा है. छात्र संगठन आयोग की भर्ती व्यवस्था में बदलाव और उसे मजबूत करने की मांग कर रहा है. मिजो जिरलाई पावल ने आयोग में संरचनात्मक सुधार और अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग उठाई है. मिजो जिरलाई पावल का आरोप है कि हाल ही की कुछ प्रक्रियाओं में प्रशासनिक कमियों के कारण उम्मीदवारों का आयोग की व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ है. छात्र संगठन की प्रमुख मांगों में MPSC का मौजूदा वन टाइम रजिस्ट्रेशन सिस्टम खत्म करना भी शामिल है. इसके स्थान पर छात्र संगठन हर पद के लिए जरूरत के अनुसार अलग आवेदन फाॅर्म की व्यवस्था चाहता है.
MPSC ने मांगों को क्यों किया खारिज?
आयोग ने ओटीआर व्यवस्था खत्म करने की मांग को स्वीकार नहीं किया है. MPSC का कहना है कि ओटीआर सिस्टम भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और सरकारी नौकरी में निष्पक्षता व सामान्य बनाए रखने के लिए लागू किया गया है. आयोग के अनुसार इसे खत्म करने से भर्ती प्रक्रिया में कई समस्याएं आ सकती है. डॉक्यूमेंट की कमी वाले उम्मीदवारों के लिए अलग से मौके देने की मांग पर भी आयोग ने आपत्ति जताई है. MPSC का तर्क है कि अगर संघ समय में पूरे डॉक्यूमेंट जमा करने वाले उम्मीदवारों के बाद किसी दूसरे उम्मीदवार को दस्तावेज पूरे करने की अनुमति दी जाती है, तो यह समान व्यवहार के सिद्धांत के खिलाफ होगा. इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन अधूरा होने पर उम्मीदवार को किसी भी चरण में अयोग्य घोषित किया जा सकता है, भले ही उसने लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन ही क्यों ना किया हो.
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