एक्सप्लोरर

कड़ाके की सर्दी और बर्फीले मौसम के बीच चलती है पढ़ाई, जानें भारत की सबसे ऊंची यूनिवर्सिटी

क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे ऊंचाई पर स्थित यूनिवर्सिटी कौन सी है?जहां आम जिंदगी की कल्पना भी मुश्किल है. जानिए इस अनोखी यूनिवर्सिटी की पूरी कहानी.

भारत में यूनिवर्सिटी और कॉलेज सिर्फ पढ़ाई का जरिया नहीं होते, बल्कि वे समाज, देश और आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं.खासकर जब बात सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों की हो, तो वहां मौजूद शिक्षण संस्थान देश के लिए और भी ज्यादा अहम हो जाते हैं. आज हम आपको भारत की एक ऐसी यूनिवर्सिटी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न सिर्फ पढ़ाई के लिए जानी जाती है, बल्कि अपनी बेहद ऊंची लोकेशन के कारण भी चर्चा में रहती है.

भारत की सबसे ऊंचाई पर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम है सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय. यह यूनिवर्सिटी लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है और समुद्र तल से करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है. इतनी ऊंचाई पर न केवल रहना, बल्कि पढ़ाई और रिसर्च करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता. यही वजह है कि इस यूनिवर्सिटी को भारत की सबसे अनोखी और खास यूनिवर्सिटीज में गिना जाता है.

यहां पढ़ाई के साथ लड़नी पड़ती है प्रकृति से जंग

10,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों को हाई-एल्टीट्यूड ज़ोन माना जाता है. ऐसे इलाकों में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है, ठंड बहुत कड़ाके की होती है और तेज हवाएं आम बात हैं. कई बार तापमान माइनस में चला जाता है. इन हालातों में छात्रों और शिक्षकों को न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देना होता है, बल्कि अपने स्वास्थ्य और दिनचर्या का भी खास ख्याल रखना पड़ता है.इसके बावजूद सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां बिना रुके चलती रहती हैं.

संसद के कानून से हुई थी यूनिवर्सिटी की स्थापना

सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना साल 2009 में संसद के एक अधिनियम के जरिए की गई थी. इस यूनिवर्सिटी को बनाने का मकसद लद्दाख के लेह, कारगिल और आसपास के दूर-दराज इलाकों के छात्रों को बेहतर उच्च शिक्षा देना था. इसके साथ ही देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले छात्रों को भी यहां पढ़ाई और रिसर्च का मौका मिलता है.यह विश्वविद्यालय खास तौर पर पोस्ट ग्रेजुएशन, पीएचडी और रिसर्च प्रोग्राम्स पर फोकस करता है.

सिंधु नदी से जुड़ा नाम और पहचान

इस यूनिवर्सिटी का नाम भारत की ऐतिहासिक सिंधु नदी के नाम पर रखा गया है. सिंधु नदी भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पहचान रही है.यही वजह है कि इस नाम के जरिए यूनिवर्सिटी को इतिहास और ज्ञान की विरासत से जोड़ा गया है.सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय सिंधु नदी के नाम पर बनने वाला देश का पहला केंद्रीय विश्वविद्यालय भी माना जाता है.

IIT जैसे संस्थानों से मिलता है अकादमिक मार्गदर्शन

पढ़ाई की गुणवत्ता को मजबूत बनाए रखने के लिए सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय को देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों का मार्गदर्शन मिलता है. इसमें खासतौर पर IIT जैसे संस्थानों की अकादमिक सलाह शामिल है. इससे यहां के कोर्स, रिसर्च और टीचिंग स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने में मदद मिलती है.

ऊंचाई के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व भी

कम ऑक्सीजन, भीषण सर्दी और दुर्गम हालातों के बावजूद यहां के छात्र और शिक्षक पूरे समर्पण के साथ काम करते हैं. यह यूनिवर्सिटी सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र में भारत की मजबूत मौजूदगी का भी प्रतीक है.इसी वजह से सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय को भारत की सबसे ऊंचाई पर स्थित यूनिवर्सिटी होने के साथ-साथ हौसले, संघर्ष और देशभक्ति की मिसाल भी माना जाता है.

यह भी पढ़ें -

यह भी पढ़ें -भारत से MBBS करके कनाडा में कैसे बन सकते हैं डॉक्टर? जानें आसान स्टेप‑बाय‑स्टेप गाइड

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

MBBS और B Tech की पढ़ाई पर मिलेंगे 50 हजार, देखें स्कॉलरशिप की पूरी डिटेल
MBBS और B Tech की पढ़ाई पर मिलेंगे 50 हजार, देखें स्कॉलरशिप की पूरी डिटेल
JEE Main 2027 के लिए गाइडलाइन जारी, आवेदन से पहले कर लें ये काम 
JEE Main 2027 के लिए गाइडलाइन जारी, आवेदन से पहले कर लें ये काम 
UP School Holiday: लखनऊ में कल बंद रहेंगे सभी स्कूल, UP PET परीक्षा के चलते अवकाश घोषित
लखनऊ में कल बंद रहेंगे सभी स्कूल, UP PET परीक्षा के चलते अवकाश घोषित
IBPS में निकली 14.09 लाख CTC वाली नौकरी, आज से आवेदन हुए शुरू
IBPS में निकली 14.09 लाख CTC वाली नौकरी, आज से आवेदन हुए शुरू

वीडियोज

रिश्तों का धोखा, साजिश और खौफ! 4 शहरों में जुर्म की 4 सनसनीखेज कहानियां...
MLC रिजल्ट, चौतरफा खटपट!
किसके वोट चोरी, किसकी सीनाजोरी?
Azam Khan बाहर आएंगे... किसका गेम बिगाड़ेंगे?
Gyanesh Kumar पर 'जन-महाभियोग' विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग
व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग
UP: कोई दूसरी, कोई तीसरी तो कोई चौथी बार बना MLC, सभी 11 विजेताओं को जानें
UP: कोई दूसरी, कोई तीसरी तो कोई चौथी बार बना MLC, सभी 11 विजेताओं को जानें
'मेंटल क्रिमिनल', रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह को बताया लोकतंत्र के लिए खतरनाक, भड़की CPM
'मेंटल क्रिमिनल', रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह को बताया लोकतंत्र के लिए खतरनाक, भड़की CPM
'मेरे पति के जैसा कोई नहीं...', करवा चौथ पर निक ने दिया प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज
'मेरे पति के जैसा कोई नहीं...', करवा चौथ पर निक ने दिया प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज
चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की लगातार दूसरी जीत, चीन को 5-2 से रौंदा
चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की लगातार दूसरी जीत, चीन को 5-2 से रौंदा
CEC ज्ञानेश कुमार पर यूसुफ पठान का चौंकाने वाला बयान, 'आवाज सुननी ही चाहिए'
CEC ज्ञानेश कुमार पर यूसुफ पठान का चौंकाने वाला बयान, 'आवाज सुननी ही चाहिए'
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
Rawa Dosa Recipe: घर में कैसे बनाएं बाजार जैसा रवा डोसा, किन चीजों की पड़ेगी जरूरत?
घर में कैसे बनाएं बाजार जैसा रवा डोसा, किन चीजों की पड़ेगी जरूरत?
Embed widget