गुजरात में छात्रों के लिए राहत, विदेश में पढ़ाई के लिए बढ़ी लोन की इनकम लिमिट
गुजरात के छात्रों के लिए सरकार ने फॉरेन स्टडी लोन स्कीम के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों के परिवारों की सालाना आय सीमा बढ़ा दी है. अब आय सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख कर दिया गया है.

Gujarat Foreign Study Loan: गुजरात के छात्रों के लिए गुजरात सरकार ने विदेश में पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देने वाली फॉरेन स्टडी लोन स्कीम के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों के परिवारों की सालाना आय सीमा बढ़ा दी है. अब 10 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र इस योजना का लाभ ले सकेंगे. पहले यह सीमा 6 लाख रुपये थी. गुजरात सरकार के इस फैसले से ऐसे छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है, जो परिवार की आय 6 लाख से ज्यादा होने के कारण अब तक इस योजना के दायरे से बाहर थे.
6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये हुई आय सीमा
गुजरात के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने योजना के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए सालाना पारिवारिक आय की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया है. यह योजना गुजरात और अनरिजर्व्ड एजुकेशन एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से लागू की जा रही है. अब सामान्य वर्ग के वे छात्र जिनके परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपये तक है अब वे भी विदेश में पढ़ाई के लिए इस योजना के तहत लोन सहायता ले सकेंगे. इससे पहले केवल 6 लाख रुपये तक की पारिवारिक आय वाले छात्र ही इसके लिए पात्र थे. सरकार का कहना है कि आय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य ज्यादा छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देना है..
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विदेश में पढ़ाई के लिए 15 लाख रुपये तक का लोन
इस योजना के तहत सामान्य वर्ग के पात्र छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए 15 लाख रुपये तक की शिक्षा का ऋण उपलब्ध कराया जाता है. यह सहायता कुछ निर्धारित पाठ्यक्रमों के लिए दी जाती है, इनमें बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी, पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा के बाद की पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री सहित पाठ्यक्रम शामिल है. योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का 12वीं परीक्षा में 60 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करना जरूरी है. लोन पर चार फीसदी सालाना साधारण ब्याज लिया जाता है और इसकी री-पेमेंट अवधि लोन की राशि के अनुसार अलग-अलग होती है.
किन खर्चों में मिलेगी आर्थिक मदद?
विदेश में पढ़ाई के दौरान छात्रों को ट्यूशन फीस के साथ रहने और खाने जैसे खर्चों का भी सामना करना पड़ता है. योजना के तहत मिलने वाले एजुकेशन लोन सहायता इन खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी. सरकार के अनुसार आय सीमा बढ़ाने से मध्यम आय वाले परिवारों के मेधावी छात्रों को विदेश में पढ़ाई करने का अवसर मिल सकेगा. पहले 6 लाख रुपये से ज्यादा आय होने के कारण जो छात्र योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वह अब इस सीमा के तहत पात्र होंगे.
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