Gujarat Technological University में एग्जाम सेंटर चुनने के बावजूद एलॉट किए गए दूर-दराज़ के सेंटर
GTU और उससे एफिलेटेड कॉलेजेस में स्टूडेंट्स को अपनी सुविधा के अनुसार एग्जाम सेंटर चुनने की सुविधा दी गयी थी पर एडमिट कार्ड आने के बाद अधिकतर स्टूडेंट्स को चुने गए सेंटर्स की जगह दूर-दराज़ के सेंटर एलॉट हुए हैं.

GTU Allots Distant Centres To Students: गुजरात टेक्ननोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और उससे एफिलेटेड कॉलेजेस की परीक्षाएं कल यानी 2 जुलाई से आरंभ होने वाली हैं. ऐसे में वहां के स्टूडेंट्स एक बड़ी समस्या से गुजर रहे हैं, जिसके अंतर्गत उन्हें परीक्षा देने के लिए बहुत दूर के सेंटर्स एलॉट कर दिए गए हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात टेक्ननोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और उससे एफिलेटेड कॉलेजेस ने कोरोना और उसकी वजह से उपजे हालातों को देखते हुए स्टूडेंट्स को कुछ दिनों पहले यह सुविधा दी थी कि वे अपने रेज़िडेंस के पास अपनी सहूलियत का एग्जाम सेंटर चुन सकते हैं. इस सुविधा का लाभ उठाते हुए स्टूडेंट्स ने नियरेस्ट सेंटर का नाम भर दिया था. लेकिन कुछ दिनों पहले जब स्टूडेंट्स को हॉल टिकट रिसीव हुए तो बहुत से स्टूडेंट्स ने पाया कि नियरेस्ट सेंटर के बजाय उन्हें सबसे दूर के सेंटर एलॉट किए गए हैं. किसी का सेंटर घर से डेढ़ सौ किलोमटर दूर है तो किसी का 100. किसी को घर से सेंटर पहुंचने के लिए तीन बसें बदलनी पड़ेंगी तो किसी के घर से उस दूर-दराज़ के सेंटर तक कोई पब्लिक कम्यूट ही नहीं है.
इस अव्यवस्था ने और बढ़ाया कोरोना का खतरा –
जहां पास का एग्जाम सेंटर देने के पीछे कारण था कि स्टूडेंट्स को असुविधा न हो साथ ही कोरोना के खतरे से अधिकतम बचाव किया जा सके वहीं हो उल्टा रहा है. ऐसे में जब स्टूडेंट्स को परीक्षा देने के लिए इतना ट्रैवल करना पड़ेगा तो खतरा कम होने के बजाय और बढ़ेगा. वे स्टूडेंट्स तो बहुत ही ज्यादा परेशान हैं जिनके घर से कोई पब्लिक कनवेंस सेंटर तक नहीं जाता.
इसके पहले भी जीटीयू के स्टूडेंट्स ऑफलाइन परीक्षाओं का विरोध कर चुके थे, उनका कहना था कि कोरोना के इस माहौल में परीक्षा कराना उचित नहीं पर तब भी अथॉरिटी ने नहीं सुनी थी न अब एडमिट कार्ड के मसले पर सुनवाई हो रही है. ऐसे में मजबूरी में कई स्टूडेंट्स परीक्षा के बाकी बचे दो विकल्पों का चयन करने की सोच रहे हैं. पहला विकल्प ये परीक्षाएं हैं जो कल से आयोजित होंगी, दसूरा हैं 27 जुलाई से होने वाली ऑनलाइन परीक्षाएं और तीसरा विकल्प है सितंबर में होने वाली परीक्षाएं. इतना लंबा ट्रैवल करके पेपर देने जाने से बेहतर स्टूडेंट्स को लग रहा है कि वे बाकी बचे दो विकल्प में से कोई चुन लें.
इस बाबत यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि दूर के स्टूडेंट्स के लिए कैंपस में ही हॉस्टल की व्यवस्था की गयी है ताकि उन्हें रोज ट्रैवल न करना पड़े. साथ ही जिन स्टूडेंट्स को ज्यादा समस्या है वे यूनिवर्सिटी में संपर्क कर सकते हैं.
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Source: IOCL























