Baramati Plane Crash: कौन थीं अजित पवार का प्लेन उड़ाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक, कितनी थी उनकी सैलरी?
महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया. उनका प्लेन कैप्टन शांभवी पाठक उड़ा रही थीं. आइए उनके बारे में जानते हैं.

महाराष्ट्र के बारामती में आज प्लेन क्रैश हो गया. इस हादसे में एनसीपी नेता और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार सवार थे, जिनका निधन हो गया. अजित पवार को जिला परिषद और पंचायत समिति के सार्वत्रिक चुनाव प्रचार के तहत कई सभाओं को संबोधित करना था. लेकिन विमान दुर्घटना का शिकार हो गया. इस प्लेन को कैप्टन शांभवी पाठक उड़ा रही थीं. आइए उनके बारे में जानते हैं...
रिपोर्ट्स के अनुसार कैप्टन शांभवी पाठक की शुरुआती पढ़ाई भारत में ही हुई. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में बीएससी की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद पायलट बनने के लिए शांभवी पाठक ने न्यूजीलैंड का रुख किया. उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली. साल 2018 से 2019 के बीच उन्होंने यहां प्रोफेशनल फ्लाइंग की बारीकियां सीखीं. यहीं से उन्हें न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी का कमर्शियल पायलट लाइसेंस भी मिला.
भारत लौटकर मजबूत किया करियर
विदेश से ट्रेनिंग लेने के बाद शांभवी भारत लौटीं और यहां डीजीसीए से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया. उन्होंने ‘फ्रोजन एटीपीएल’ भी पूरा किया, जिसे एयरलाइन पायलट बनने की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है. इसके साथ ही उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग भी थी, यानी वह दूसरों को उड़ान की ट्रेनिंग देने के योग्य थीं.
इंस्ट्रक्टर के रूप में भी निभाई जिम्मेदारी
शांभवी पाठक ने असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम किया. यहां उन्होंने नए पायलटों को ट्रेनिंग दी और अपनी समझ को और गहरा किया.
सुरक्षा और तकनीकी ट्रेनिंग
एक पायलट के लिए केवल उड़ान भरना ही नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की समझ भी उतनी ही जरूरी होती है. शांभवी ने एविएशन सिक्योरिटी यानी AVSEC की ट्रेनिंग स्पाइसजेट से ली थी. इसके अलावा उन्होंने ए320 जेट से जुड़ी ओरिएंटेशन ट्रेनिंग भी पूरी की थी.
Learjet 45 की फर्स्ट ऑफिसर
अगस्त 2022 से शांभवी पाठक वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में फुल-टाइम फर्स्ट ऑफिसर के रूप में काम कर रही थीं. वह लियरजेट-45 जैसे हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट को उड़ाने की जिम्मेदारी संभालती थीं. यह जेट आमतौर पर वीआईपी, उद्योगपतियों और खास यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
कितनी थी उनकी सैलरी?
अब सवाल आता है सैलरी का. एविएशन सेक्टर में बिजनेस जेट के फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी अनुभव और कंपनी पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर Learjet जैसे जेट पर काम करने वाले फर्स्ट ऑफिसर को हर महीने करीब 3 से 4 लाख रुपये तक सैलरी मिलती है.
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Source: IOCL























