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अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है सरकार, अर्धसैनिक बलों में होंगे एडजस्ट!

अग्निवीरों रिटायरमेंट का समय नजदीक आ रहा है. ऐसे में इन युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी बीच केंद्र सरकार एक ठोस और व्यापक एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रहा है.

देश की सुरक्षा में चार साल तक पसीना बहाने वाले हजारों अग्निवीरों के भविष्य को लेकर अब बड़ी उम्मीद जगी है. अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत में अपनी सेवा पूरी करने जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि चार साल की सैन्य सेवा के बाद इन युवाओं का आगे क्या होगा. सरकार ने पहले ही साफ किया था कि चार साल बाद सिर्फ 25 फीसदी अग्निवीरों को ही सेना में स्थायी नियुक्ति मिलेगी, जबकि बाकी 75 फीसदी युवाओं को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा.

अब जब रिटायरमेंट का समय नजदीक आ रहा है तो इन युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी बीच केंद्र सरकार, खासकर गृह मंत्रालय एक ठोस और व्यापक एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रहा है. माना जा रहा है कि इस नीति के तहत रिटायर होने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में बड़ी संख्या में मौका दिया जाएगा. अगर यह योजना लागू होती है तो यह हजारों युवाओं के लिए एक बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकती है. 

पहले बैच के करीब 46 हजार अग्निवीर होंगे रिटायर

अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में की गई थी. इसके तहत इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती हुई. पहली भर्ती प्रक्रिया सितंबर 2022 में पूरी हुई थी, जिसमें 60 हजार से ज्यादा युवा अग्निवीर बने. नियमों के अनुसार, इनमें से लगभग 75 फीसदी यानी करीब 46 हजार अग्निवीर इस साल के अंत तक अपनी चार साल की सेवा पूरी कर लेंगे. इन्हें ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, हालांकि सेवा निधि (Seva Nidhi) दी जाएगी. इसी वजह से इनके आगे के करियर को लेकर चिंता लंबे समय से बनी हुई थी. 

गृह मंत्रालय ने शुरू की तैयारी, बनी आंतरिक समिति

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,रिटायर होने वाले अग्निवीरों को दोबारा रोजगार देने के लिए गृह मंत्रालय ने कमर कस ली है. मंत्रालय ने CAPF के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आंतरिक समिति बनाने का निर्देश दिया है. यह समिति इस बात पर काम कर रही है कि अग्निवीरों को किस तरह से बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बलों में समायोजित किया जा सकता है. समिति अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव का सही यूज हो सके. 

CAPF में 50 प्रतिशत कोटा, उम्र और फिजिकल में मिल सकती है राहत

सूत्रों के अनुसार, सरकार जिस एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रही है, उसके तहत CAPF में सीधी भर्ती की 50 प्रतिशत सीटें अग्निवीरों के लिए आरक्षित की जा सकती हैं. भर्ती में ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जा सकती है. फिजिकल टेस्ट में कुछ रियायत मिल सकती है. पहले से सैन्य प्रशिक्षण होने के कारण ट्रेनिंग अवधि कम की जा सकती है. इससे अग्निवीरों को दोबारा नई शुरुआत करने में काफी आसानी होगी. केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारों ने भी पूर्व अग्निवीरों को नौकरी में प्राथमिकता देने का ऐलान किया है. कुछ राज्यों ने पुलिस, होमगार्ड और अन्य विभागों में सीटें आरक्षित करने की घोषणा की है. इससे साफ है कि अग्निवीरों को सिस्टम में बनाए रखने की कोशिशें हर स्तर पर चल रही हैं. इससे पहले भी इस तरह के संकेत सामने आ चुके हैं. जनवरी में CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा था कि नेवी से रिटायर होने वाले अग्निवीरों को बंदरगाहों और तटीय सुरक्षा से जुड़े कामों में तैनात किया जा सकता है. यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार पहले से ही इस दिशा में सोच रही है. 

मार्च-अप्रैल 2026 तक हो सकता है बड़ा ऐलान

माना जा रहा है कि आंतरिक समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप देगी. इसके बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला ले सकती है. उम्मीद है कि अग्निवीरों के पहले बैच के रिटायर होने से पहले, यानी मार्च-अप्रैल 2026 तक, इस नीति की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. 

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