UPI MDR: हर 3 में 2 लोग खरीदारी पर कर रहे 2000 से ज्यादा का पेमेंट, जेब ढीली होनी तय
UPI पेमेंट पर लगने जा रहे MDR चार्ज का फैसला आने के बाद कहा गया था कि महज 4 प्रतिशत ही पेमेंट 2000 रुपये के ऊपर किया जाता है, लेकिन अगस्त का जो डाटा सामने आया है वो तो कुछ और ही कहता है.

15 सितंबर, मंगलवार को सरकार ने UPI को लेकर एक बड़ा फैसला किया. इस फैसले के तहत अब 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट के ऊपर व्यापारियों को 0.4 प्रतिशत का चार्ज देना होगा. ये खबर जैसे ही आई, इसने खलबली मचा दी थी. जिसके बाद केंद्र सरकार ने सफाई पेश करते हुए ये कहा था कि इस फैसले का असर महज 4 प्रतिशत ट्रांजेक्शन पर ही पड़ेगा. लेकिन हाल ही में आया अगस्त महीने का डाटा तो कुछ और ही कहता है.
क्या कहता है अगस्त का डाटा?
दरअसल हाल ही में एक डाटा सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि अगस्त के महीने में 2000 रुपये से ज्यादा कितना P2M यानी पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजेक्शन हुआ है. इस डाटा के मुताबिक अगस्त में UPI के जरिए कुल 2,451 करोड़ का लेनदेन हुआ है. इन लेनदेन की कुल वैल्यू 29.82 लाख करोड़ रुपये रही है.
अगस्त में हुए कुल UPI ट्रांजेक्शन में संख्या के हिसाब से करीब 63% भुगतान P2M यानी ग्राहक से दुकानदार या व्यापारी को किए गए. वहीं करीब 37% लेनदेन P2P (पर्सन टू पर्सन) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने के थे.
ये भी पढ़ें: Personal Loan: कौनसा बैंक दे रहा है सबसे सस्ता कर्ज, कितनी बनेगी EMI?
70% हुआ P2P भुगतान
हालांकि, लेनदेन की संख्या और रकम के मामले में तस्वीर अलग है. कुल UPI राशि में करीब 70% हिस्सा P2P भुगतान का रहा, जबकि 30% राशि P2M भुगतान के जरिए भेजी गई. इसका मतलब है कि लोग दुकानों और कारोबारियों को बड़ी संख्या में छोटे-छोटे भुगतान कर रहे हैं, जबकि पर्सन टू पर्सन के बीच होने वाले भुगतान में कुल रकम ज्यादा है.
सरकार के बयान पर सवाल!
अगस्त महीने के सामने आए इन आंकड़ों को देखकर लगता है कि सरकार ने जो दावे किए थे, वह बिलकुल सटीक नहीं हैं. क्योंकि वित्त मंत्रालय ने बताया था कि 96% UPI मर्चेंट (P2M) ट्रांजेक्शन 2000 रुपये से कम के होते हैं और ये 100% चार्ज-फ़्री हैं. जिसका मतलब था कि अधिकतर लोग सामान खरीदते समय 2000 रुपये से कम कीमत का सामन खरीदते हैं. सरकार ने जानकारी दी थी कि 2000 से कम के ट्रांजेक्शन 96% होते हैं. इसलिए महज 4 प्रतिशत ट्रांजेक्शन पर ही UPI चार्ज लगेगा, लेकिन अगस्त में 67% लेनदेन 2000 रुपए से ज्यादा के थे.
ये भी पढ़ें: कहां निवेश करती हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कितना है कर्ज?
छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत
UPI के MDR (Merchant Discount Rate) नियमों में छोटे कारोबारियों के लिए राहत का प्रावधान किया गया है. स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारी, जिन्हें P2PM में रखा जाता है, अगर अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में एक महीने में 1 लाख रुपये तक UPI भुगतान प्राप्त करते हैं, तो उन पर MDR नहीं लगाया जाएगा.
इन आंकड़ों से पता चलता है कि UPI का इस्तेमाल अब सिर्फ लोगों के बीच पैसे भेजने के लिए ही नहीं, बल्कि दुकानों और कारोबारियों को भुगतान करने के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. ऐसे में सरकार के इस नए नियम के बाद अब देखना होगा कि बाजार में पेमेंट सिस्टम में क्या बदलाव आता है. क्या आने वाले समय में ट्रांजेक्शन कम हो जाएंगे और नगद का ज्यादा इस्तेमाल होगा.





















