Stock Market Today: गिरने के बाद संभला बाजार, 100 अंक से ज्यादा चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी भी 25100 के करीब
Stock Market Today: एनएसई पर निफ्टी 50 भी 25100 के करीब आकर खुला है. हालांकि, टाटा मोटर्स के शेयर में 2 प्रतिशत की गिरावट आई है.

Stock Market News: शेयर बाज़ार में दबाव के बीच हफ़्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार, 25 सितंबर 2025 को सुबह करीब साढ़े नौ बजे बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी करते हुए 100 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है. वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 भी 25,100 के करीब खुला. हालांकि, ऑटो सेक्टर में दबाव देखा गया और टाटा मोटर्स के शेयर में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
बाजार की क्यों सपाट चाल?
आज जिन शेयरों में तेजी देखी जा रही है, उनमें एचडीएफसी बैंक – 1.5%, एसबीआई – 1.2%, इंफोसिस – 0.9% और एशियन पेंट्स – 0.8% है. जबकि, टॉप लूजर्स में टाटा मोटर्स – 2.0%, हीरो मोटोकॉर्प – 1.4%, विप्रो – 1.1% और बजाज ऑटो – 0.9% शामिल है.
भारतीय शेयर बाज़ार पर इस समय दबाव साफ़ दिखाई दे रहा है. अमेरिकी हाई टैरिफ और एच1बी वीजा की बढ़ी फीस के चलते वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मुनाफावसूली ने भी बाज़ार में निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर कर दिया है.
क्या कहते हैं एक्सपोर्ट्स?
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार का कहना है कि भारतीय शेयर बाज़ार में इस समय लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली देखने को मिल रही है. उन्होंने कहा कि हाल में किए गए आर्थिक सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट सेक्टर दोनों को मज़बूती मिलेगी. ऐसे में, उम्मीद है कि आने वाले समय में विदेशी निवेशकों की वापसी भी होगी. हालांकि, यह कब होगा, इसका अभी अनुमान लगाना मुश्किल है.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि जीएसटी सुधारों के बाद घरेलू बाजारों में मुनाफावसूली देखी गई है. निवेशक मूल्यांकन और दूसरी तिमाही की आय अपेक्षाओं को पुनः निर्धारित कर रहे हैं. एच-1बी शुल्क वृद्धि के कारण आईटी शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा, जबकि जारी व्यापार वार्ताओं के बीच अमेरिकी व्यापार संबंधी बयान और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं.
दूसरी ओर लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग की मानें तो बुधवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी और अमेरिकी वीजा नीति में बदलाव को लेकर नई चिंताओं ने धारणा पर दबाव डाला. रुपये में कमजोर रुख और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने सतर्कता का माहौल और बढ़ा दिया.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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