एक्सप्लोरर

EPFO Update: ठेके पर काम करने वाले गिग वर्कर के लिए आ सकता है अलग से प्रॉविडेंट फंड स्कीम, 8 जुलाई को EPFO की बैठक में होगा फैसला

EPFO News: नीति आयोग के मुताबिक 2029-30 तक देश में गिग वर्कर (Gig Worker) की संख्या मौजूदा 2020-21 में 7.7 मिलियन ( 77 लाख) से बढ़कर 23.5 मिलियन (2.35 करोड़) हो जाएगी.

EPFO Update: एम्पलॉय प्राविडेंट फंड आर्गनाईजेशन (EPFO) की 8 जुलाई को बैठक होने वाली है जिसमें गिग वर्कर (Gig Worker) के लिए अलग से प्राविंडेट फंड (Provident Fund) स्कीम लाने पर फैसला किया जा सकता है. साथ ही ईपीएफओ के इस बैठक में उन लोगों के लिए यूनिर्वसल पेंशन योजना लाने पर भी फैसला लिया जा सकता है जो अभी तक किसी भी रिटॉयरमेंट फंड के साथ नहीं जुड़े हैं. 

गिग वर्कर को सामाजिक सुरक्षा
माना जा रहा है कि ईपीएफओ की इस बैठक में गिग वर्कर (Gig Worker) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (Platform Workers)  के लिए पीएफ और पेंशन स्कीम को लेकर चर्चा की जाएगी. देश में फिलहाल 77 लाख गिग वर्कर (Gig Worker) हैं जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है. ईपीएफओ की एक इंटर्नल कमिटी ने  गिग वर्कर (Gig Worker) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (Platform Workers) के लिए अलग से पीएफ और पेंशन स्कीम लाने को लेकर सुझाव दिया है. कमिटी ने एक नए यूनिवर्सल पेंशन स्कीम बनाने का भी सुझाव दिया है. जिसमें न्यूनत्तम पेंशन 3,000 रुपये हो. जिसके लिए 15 साल तक की सेवाओं के लिए 5.4 लाख रुपये कॉर्पस की दरकार होगी. कमिटी के मुताबिक मौजूदा ईपीएफ स्कीम में  (Gig Worker) को जोड़ने से ऑपरेशनल दिक्कतें आ सकती है. क्योंकि ईपीएफ में केवल फॉर्मल वर्कर्स को ही सदस्य बनाया जाता है. ईपीएफओ की ये बैठक बैंगलुरू में होने वाली है जो दो दिनों तक चलेगी. 

2029-30 तक 23 करोड़ से ज्यादा गिग वर्कर
नीति आयोग के मुताबिक 2029-30 तक देश में गिग वर्कर (Gig Worker) की संख्या मौजूदा 2020-21 में 7.7 मिलियन ( 77 लाख) से बढ़कर 23.5 मिलियन (2.35 करोड़) हो जाएगी. नीति आयोग ने भी सरकार से (Gig Worker) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (Platform Workers) के लिए सोशल सिक्योरिटी कवरेज योजना लाने का सुझाव दिया है. साथ ही उनके लिए इंडस्ट्री को इन्हें Sick Leave, हेल्थ इंश्योरेंस लेकर लेकर दुर्घटना बीमा भी देने की सिफारिश की है.  

कौन होते हैं गिग वर्कर
हर कारोबार में स्थायी कर्मचारी के बजाए कुछ गैर स्थायी कर्मचारी भी होते हैं.  ऐसे काम के लिए कंपनियां अपने इन कर्मचारियों को काम के आधार पर भुगतान करती हैं.  काम के बदले भुगतान के आधार पर रखे गए कर्मचारियों को गिग वर्कर (Gig Worker) कहते हैं. ऐसे कर्मचारी कंपनी के साथ लंबे समय तक भी जुड़े रह सकते हैं. गिग वर्कर (Gig Worker) के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले कर्मचारी, कॉल पर काम करने वाले कर्मचारी आते हैं. गिग वर्कर के तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों को  स्थायी कर्मचारियों की तरह वेतन-भत्ते आदि का लाभ नहीं मिलता है. 

ये भी पढ़ें 

Smartphone: अगर स्मार्टफोन खरीदने का है प्लान, तो फेस्टिव सीजन का करें इंतजार, जानें क्यों

Bajaj Auto Share Buyback: दिग्गज ऑटोमाबइल कंपनी का शेयर दे रहा शॉट टर्म में 20 फीसदी कमाई का मौका, जानें डिटेल्स

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Rupee Rise: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच 'दबंग' बना भारतीय रुपया, करेंसी की रिंग में डॉलर को धोया
Rupee Rise: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच 'दबंग' बना भारतीय रुपया, करेंसी की रिंग में डॉलर को धोया
8th Pay Commission की मीटिंग में न्यूनतम बेसिक सैलरी पर बड़ा मंथन, सीधे 72000 होगा वेतन!
8th Pay Commission की मीटिंग में न्यूनतम बेसिक सैलरी पर बड़ा मंथन, सीधे 72000 होगा वेतन!
Petrol News: 20 रुपए सस्ता होगा ये वाला पेट्रोल, सरकार ने एथेनॉल पर बना लिया नया प्लान, हरदीप पुरी ने क्या बताया?
20 रुपए सस्ता होगा ये वाला पेट्रोल, सरकार ने एथेनॉल पर बना लिया नया प्लान, हरदीप पुरी ने क्या बताया?
आपको तो नहीं दे गया कोई 500 का नकली नोट, सिगरेट बेचने वाली महिला के एक कदम ने किया सबका भला
आपको तो नहीं दे गया कोई 500 का नकली नोट, सिगरेट बेचने वाली महिला के एक कदम ने किया सबका भला

वीडियोज

Sansani: ट्रेन के 'सुहागरात कोच' का बवाल ! | Train Honeymoon Coach Video
Monsoon Alert | Weather: भारी बारिश से कहीं सड़कें बनी तालाब, कहीं घरों में घुसा पानी | Delhi Rain
Monsoon Alert | Flood 2026 | Janhit: चमकते वादे, डूबी सड़कें...स्मार्ट सिटी की कड़वी हकीकत | Rain
UP Election 2027: रोजगार और महंगाई के मुद्दे छोड़ 'सनातन' पर होगा यूपी चुनाव? | Akhilesh Yadav
PM Modi in Australia: Melbourne में पीएम ने गिनाईं भारत की उपलब्धियां | Operation Sindoor |

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच अयातुल्ला अली खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
ZIM vs BAN: जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
Explained: ...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज स्ट्रेट नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
Embed widget