SBI ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी, मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला चार्ज खत्म किया
एसबीआई ने अपने खाताधारकों को बड़ी राहत दी है. सेंविग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला चार्ज बैंक ने खत्म कर दिया है.

नई दिल्लीः देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के करोड़ों ग्राहकों को बैंक ने बड़ी खुशखबरी दी है. अब एसबीआई ने अपने ग्राहकों के लिए बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने पर चार्ज का नियम खत्म कर दिया है. सेविंग्स बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस न रखने पर एसबीआई के ग्राहकों को अब से चार्ज नहीं देना होगा. इससे बैंक में पैसा रखने वाले खाताधारक अब बिना किसी चिंता के कितना भी बैलेंस बैंक खाते में रख सकते हैं और उसके कम होने पर ग्राहकों को चार्ज नहीं देना होगा.
बैंक ने इस बात की जानकारी दी है और इसके बाद लंबे समय से ग्राहकों द्वारा की जा रही मांग को मान लिया गया है. मिनिमम बैंक वसूली चार्ज को लंबे समय से वापस लेने की मांग ग्राहकों द्वारा की जा रही थी. बता दें कि एसबीआई के ग्राहकों को अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने पर 3000 रुपये तक का चार्ज देना पड़ता था.
SBI does away with minimum balance requirement in savings accounts: Statement
— Press Trust of India (@PTI_News) March 11, 2020
बैंक कितना वसूल रहा था चार्ज मेट्रो शहरों में रहने वाले सेविंग बैंक खाताधारकों को मिमिमम बैंलेंस न मेंटेन करने पर 3000 रुपये तक चार्ज देना पड़ता है जबकि सेमी अर्बन सेविंग बैंक अकाउंट होल्डर्स को मिमिमम बैंलेंस न मेंटेन करने पर 2000 रुपये तक चार्ज देना पड़ता है, वहीं ग्रामीण इलाकों में ग्राहकों को खाते में न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 1000 रुपये तक पेनल्टी देनी पड़ती है. अब बैंक के इस चार्ज को खत्म करने से एसबीआई के ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी.
बैंक की तरफ से कहा गया है कि एसबीआई के उठाए इस कदम से ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा और उनको सहूलियत भी होगी.
SBI ने एफडी पर ब्याज दरें भी घटाईं
इसके अलावा देश के सबसे बड़ी ऋणदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में एक ही महीने में दूसरी बार कटौती कर दी है. एसबीआई के मुताबिक नई दरें 10 फरवरी से ही लागू मानी जाएगीं. यह नई दरें अलग-अलग समय की एफडी के अनुसार अलग-अलग हैं. 7 से 45 दिन तक की एफडी पर पहले की अपेक्षा 0.5 फीसदी की कटौती की गई है. पहले इस अवधि की एफडी पर ब्याज दर 4.5 फीसदी था जो कि अब घटकर 4 फीसदी रह गया है.
Source: IOCL























