पेटीएम कर्मचारियों की हुई चांदी, शेयर सेल से कई एंप्लाईज हुए लखपति
कंपनी ने एक बयान में बताया है कि सेकेंडरी सेल कंपनी के मौजूदा और पूर्व एंप्लाइज के लिए अच्छी रकम बनाने का मौका लेकर आया और इस प्रक्रिया में करीब 100-150 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें लखपति बनने का मौका मिल गया.

नई दिल्लीः देश में कैशलेस पेमेंट के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला पेटीएम न सिर्फ उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे आसान ऑप्शन साबित हुआ है बल्कि इसके एंप्लाइज के लिए ये लखपति बनाने का सबसे सही साधन भी बना है. पेटीएम की स्टॉक सेल 500 करोड़ रुपये में जाकर पूरी हुई है जिससे भारत के इस दूसरे सबसे बड़े स्टार्टअप के मौजूदा और पूर्व एंप्लाइज लखपति बन गए हैं.
इसमें पेटीएम के सेकेंडरी सेल ऑफ शेयर्स से मिली 300 करोड़ रुपये की पूंजी शामिल है. ये कंपनी का दूसरा इसॉप (एंप्लॉइ स्टॉक ओनरशिप प्लान) है जबकि साल 2017 के मध्य में कंपनी के स्टाफ ने 200 करोड़ रुपये की सेल की थी. इसमें कंपनी के कुछ एंप्लाइज ने करीब 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 6-7 करोड़ रुपये बनाए जो स्टाफ को रिवार्ड करने के लिए काफी है.
कंपनी के कनाडा चीफ एक्जीक्यूटिव हरिंदर ताखर जिन्होनें करीब 40 करोड़ (लगभग 6.3 मिलियन) को कैश किया और वो करोड़पति बने हैं. पेटीएम जो कि वन 97 कम्यूनिकेशंस लिमिटेड द्वारा संचालित होती है उसमें एक ऑफिस बॉय करीब 20 लाख रुपये की पूंजी बनाई है. हालांकि कंपनी ने दूसरे एंप्लाइज की डिटेल्स के बारे में नहीं बताया है.
डिस्कवरी कैपिटल 23 जनवरी को पेटीएम में 10 बिलियन डॉलर की वैल्यू लगाकर इसमें नए निवेशक बनी है. मिंट ने सबसे पहले इसकी जानकारी दी. वहीं ये रकम इसके मार्च में लगाई गई वैल्यू से 3 बिलियन ज्यादा है जब इसनें सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन से फंड रेजिंग की थी.
कंपनी के मौजूदा इंवेस्टर्स में सॉफ्टबैंक, सेफ पार्टनर्स, अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड और एंट फाइनेंशियल्स के नाम शामिल हैं. कंपनी ने एक बयान में बताया है कि सेकेंडरी सेल कंपनी के मौजूदा और पूर्व एंप्लाइज के लिए अच्छी रकम बनाने का मौका लेकर आया और इस प्रक्रिया में करीब 100-150 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें लखपति बनने का मौका मिल गया.
कंपनी के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने पिछले साल 1 फीसदी शेयरों को बेचा था और इसके जरिए 325 करोड़ रुपये पेटीएम पेमेंट बैंक बिजनेस के लिए जुटाए. इसॉप वो माध्यम है जिसके जरिए एंप्लॉई अपने पास मौजूद शेयरों को एक निश्चित समय के बाद कैश में बेच सकते हैं.
Source: IOCL



























