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बेहतर परफॉर्मेंस, शानदार मुनाफा… फिर क्यों ये कंपनी दिखाने जा रही 4000 स्टाफ को बाहर का रास्ता?

हैरानी की बात यह रही कि इस ऐलान के बाद कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर करीब 25% तक उछल गए. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने इस कदम को लागत नियंत्रण और दक्षता बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा.

आमतौर पर किसी भी कंपनी में छंटनी को कमजोर प्रदर्शन या वित्तीय दबाव का संकेत माना जाता है. इससे निवेशकों में चिंता और कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है. लेकिन डिजिटल पेमेंट्स कंपनी Block, Inc. के मामले में तस्वीर अलग है. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद कंपनी ने 4,000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है. कंपनी ने घोषणा की कि वह अपने कुल लगभग 10,000 कर्मचारियों में से करीब आधे को कम करेगी और स्टाफ संख्या घटाकर लगभग 6,000 कर देगी.

छंटनी के बावजूद नहीं निराशा

हैरानी की बात यह रही कि इस ऐलान के बाद कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर करीब 25% तक उछल गए. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने इस कदम को लागत नियंत्रण और दक्षता बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Jack Dorsey ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी वित्तीय संकट की वजह से नहीं लिया गया है.

उन्होंने कहा कि कंपनी का औसत लाभ और कुल मुनाफा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जरूरत महसूस की गई. इस बड़े फैसले के पीछे प्रमुख कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को संचालन में अधिक व्यापक रूप से शामिल करना बताया गया है.

एआई का असर

कंपनी का कहना है कि इंटेलिजेंस टूल्स ने व्यवसाय चलाने के तरीकों को बदल दिया है और छोटी टीमें भी इन टूल्स की मदद से अधिक कुशलता से काम कर पा रही हैं. X पर दिए गए बयान में डोर्सी ने कहा कि कंपनी ने बार-बार छोटी छंटनी करने के बजाय एक बार में बड़ा फैसला लेना बेहतर समझा, ताकि संगठन में अनिश्चितता और भरोसे की कमी की स्थिति पैदा न हो.

यह घटनाक्रम दिखाता है कि आज के दौर में छंटनी हमेशा संकट का संकेत नहीं होती, बल्कि कई बार यह तकनीकी बदलाव और भविष्य की रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है.

ये भी पढ़ें: शेयर बाजार में गिरावट और FII की बिकवाल के बीच फिसला रुपया, क्यों कमजोर हो रही भारतीय करेंसी

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
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