कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया का अमेरिकी कंपनी लगाएगी बेड़ा पार! 52800 करोड़ का कर सकती है निवेश
Vodafone Idea: न्यूयॉर्क की इक्विटी फर्म टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स (TGH) वोडाफोन आइडिया की कमान अपने हाथ ले सकती है. इस खबर के बाद वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के शेयरों में आज तेजी देखी गई.

Vodafone Idea: न्यूयॉर्क की इक्विटी फर्म टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स (TGH) कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Ltd) में में 4-6 अरब डॉलर (करीब 35,000-52,800 करोड़ रुपये) का निवेश कर सकती है और इसका ऑपरेश्नल कंट्रोल अपने हाथ ले सकती है. इस खबर के सामने आने के बाद वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Ltd) के शेयरों में सोमवार को 5 परसेंट का उछाल आया.
राहत पैकेज पर निर्भर निवेश
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से वाकिफ लोगों ने इसकी जानकारी दी. हालांकि, यह निवेश कंपनी को भारत सरकार की तरफ से दिए जाने वाले राहत पैकेज पर निर्भर है, जिसमें एजीआर और स्पेक्ट्रम से जुड़ा बकाया शामिल है. इसी के साथ आज बीएसई पर वोडाफोन आइडिया के शेयर बीएसईपर 5.26 परसेंट चढ़कर 9.19 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गए. पिछले तीन महीनों में शेयर में 36.46 परसेंट की तेजी आई है.
प्रोमोटर बन जाएगी कंपनी
एक सूत्र के हवाले से इकोनॉमिक टाइम्स ने रिपोर्ट में बताया कि अगर यह सौदा होता है, तो TGH कंपनी में प्रोमोटर का दर्जा लेगा और आदित्य बिड़ला ग्रुप व वोडाफोन की यूके यूनिट से कंट्रोल अपने हाथ ले लेगा. सरकार जो अभी 49 परसेंट की हिस्सेदारी के साथ कंपनी का सबसे बड़ा शेयर होल्डर है, वह एक निष्क्रिय निवेशक बनी रहेगी.
इकनॉमिक टाइम्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि अगर यह सौदा होता है, तो टीजीएच प्रमोटर का दर्जा ले लेगा और मौजूदा प्रमोटरों आदित्य बिड़ला समूह और यूके की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि न्यूयॉर्क बेस्ड इंवेस्टमेंट फर्म बकाया राशि पूरी तरह से माफ कर दिए जाने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि वह देनदारियों के पुनर्गठन की मांग कर रही है ताकि परिचालन में राहत मिल सके. TGH ने सरकार को शर्तों का विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है.
कर्ज के बोझ तले डूबी कंपनी
अगर सरकार वोडाफोन आइडिया को राहत पैकेज दे देती है, तो डील कुछ ही महीनों में फाइनल हो जाएगी. बता दें कि टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया पर 83,400 करोड़ रुपये का AGR बकाया है. ब्याज और जुर्माने को लेकर कंपनी को करीब 2 लाख करोड़ रुपये चुकाने हैं. ऐसे में सरकार से राहत न मिलने की स्थिति में कंपनी दिवालिया हो सकती है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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Source: IOCL





















