Real Estate: 1.7 करोड़ के फ्लैट पर भारी पड़ी 1.2 लाख की EMI, मुंबई का कपल परेशान
Mumbai Real Estate: मुंबई में 3.5 लाख मासिक कमाने वाले कपल ने 1.7 करोड़ का 2-BHK खरीदने का फैसला टाल दिया. भारी होम लोन EMI को देखते हुए उन्हें यह सौदा महंगा लगा.

Mumbai Home Loan News: मुंबई जैसे महंगे शहर में अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन कई बार भारी होम लोन और EMI इस सपने में रुकावट बन जाती है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां करीब 3.5 लाख रुपये की मासिक कमाई करने वाले एक कपल ने 1.7 करोड़ रुपये का 2-BHK घर खरीदने का फैसला फिलहाल टाल दिया. इसकी वजह घर की कीमत से ज्यादा उस पर बनने वाली EMI है.
वृधायन भट्ट और उनकी पत्नी अंकिता 15 अगस्त को मुंबई के सबर्ब में एक 2-BHK देखने पहुंचे थे. डेवलपर इस घर की कीमत करीब 1.7 करोड़ बता रहा था. कपल ने करीब 1.5 करोड़ में घर लेने की पेशकश की, लेकिन डेवलपर इस कीमत पर तैयार नहीं हुआ. कपल के पास करीब 30 लाख रुपये की अपनी बचत थी, लेकिन बाकी रकम के लिए बड़े होम लोन की जरूरत पड़ती.
घर के कीमत के साथ किन खचों का रखना पड़ता है हिसाब?
कपल के अपने पैसे का एक हिस्सा स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और दूसरे जरूरी खर्चों में चला जाता. ऐसे में घर खरीदने के लिए उन्हें करीब 1.4 से 1.5 करोड़ का होम लोन लेना पड़ता. 7-7.5% ब्याज और 20 साल की समय मानें तो EMI करीब 1.16 लाख से 1.21 लाख तक बनती.
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कपल दोनों की मिलाकर हर महीने की कमाई 3.5 लाख यानी साल का करीब 42 लाख है. इतनी EMI उनकी कमाई का लगभग एक तिहाई हिस्सा ले लेती. इसके अलावा घर का रखरखाव, बिजली पानी, इंश्योरेंस, आने जाने, खाने और इन्वेस्टमेंट जैसे खर्च भी हैं. उनके 5 साल के बेटे की पढ़ाई और दूसरे काम पर करीब 5 लाख साल का खर्च होता है.
80 हजार रुपये से ज्यादा EMI नहीं चाहते कपल
कपल ने फिलहाल घर खरीदने का फैसला रोक दिया है. अब वो पहले ज्यादा पैसे बचाना चाहते हैं. भट्ट का कहना है कि वो ऐसी हालात में घर खरीदना चाहते हैं, जहां EMI 80,000 से ज्यादा नहीं हो. उनका मानना है कि फ्यूचर में फाइनेंशियल हालात या नौकरी को लेकर परेशानी आती है तो कम कर्ज रखना बेहतर होगा.
रियल एस्टेट एक्सपर्ट के मुताबिक, आज कई परिवार अपनी आय का 40-60% तक EMI में खर्च कर रहे हैं. लेकिन घर खरीदने का फैसला हर परिवार की आय, खर्च और जरूरतों पर डिपेंड करता है. ज्यादा बचत के इंतजार में प्रॉपर्टी की कीमत ज्यादा होने का डर भी रहता है.
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