नौकरी और EMI नहीं, इस एक डर ने उड़ा दी 94% कॉरपोरेट कर्मचारियों की नींद
Corporate Employees: टाटा एआईजी की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉरपोरेट कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता नौकरी, EMI या बचत नहीं, बल्कि अचानक आने वाले मेडिकल खर्च हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिति पर असर डाल रही हैं.

Medical Expense News: अक्सर नौकरी जाने का डर, हर महीने की EMI का दबाव या भविष्य की बचत को कॉरपोरेट कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता मानी जाती है. लेकिन एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कॉरपोरेट कर्मचारियों को सबसे ज्यादा परेशान करने वाली चिंता इनमें से कोई नहीं, बल्कि अचानक आने वाले मेडिकल खर्च है. बढ़ते इलाज के खर्च और अस्पतालों के महंगे बिल अब लाखों कर्मचारियों के लिए तनाव की सबसे बड़ी वजह बन गए हैं.
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में कर्मचारियों को डर है कि अगर अचानक अस्पताल में भर्ती होने के नौबत आ जाए, तो इसका सबसे ज्यादा असर उनके आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा. आइए जानते हैं इस बारें में...
क्यों बढ़ रही है मेडिकल खर्चों को लेकर चिंता?
अस्पताल में भर्ती और इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में 94% कर्मचारियों ने कहा कि अचानक आने वाले मेडिकल बिल की वजह से उनका आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. इनमें शामिल लाइफस्टाइल बीमारियां, मानसिक स्वास्थ्य और परिवार की हेल्थ सिक्योरिटी भी प्रमुख चिंताओं की वजह है. ऐसे में लिमिट बचत होने के कारण कर्मचारियों को अचानक इलाज का खर्च संभालना मुश्किल हो जाता है. खासतौर पर नौकरी बदलने या छूटने की स्थिति में मेडिकल खर्चों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ जाती है.
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नौकरी जाने पर कितने समय तक चला सकते हैं खर्च?
सर्वे में शामिल करीब 70% कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी छूटने के बाद वे छह महीने या उससे कम समय तक ही अपने खर्च को चला सकते हैं. वहीं, 12% लोगों को भरोसा है कि वे एक साल से ज्यादा समय तक बिना नौकरी के आर्थिक रूप से टिक सकते हैं. ऐसे में मेडिकल इमरजेंसी आने पर सैलरी रुकने के साथ-साथ बीमा कवरेज को लेकर भी चिंता बढ़ जाती है.
इन बातों का रखें खास ध्यान
- सिर्फ कंपनी के हेल्थ इंश्योरेंस पर पूरी तरह निर्भर रहने से बचें.
- अपनी पॉलिसी की कवरेज, लिमिट और शर्तों को अच्छी तरह समझें.
- हमेशा मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग से इमरजेंसी फंड तैयार रखें.
- अपनी और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक्स्ट्रा हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर विचार करें.
- नौकरी बदलने से पहले हेल्थ बीमा कवरेज से जुड़े नियमों को अच्छी तरह समझ लें.
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