US से तनाव के बाद पुराने खटास भूल चीन के साथ आगे बढ़ा भारत, पांच साल में पहली बार हुआ ये ऐलान
India China Relations: कोविड-19 महामारी के बाद, 2020 की शुरुआत से भारत और चीन के बीच कोई डायरेक्ट फ्लाइट सेवा नहीं चल रही थी. हालांकि, चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग और भारत के बीच फ्लाइट सेवा अब भी उपलब्ध है.

India-China Direct Flights: अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत हाई टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी देखी जा सकती है. हालांकि, तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप ने व्यापार वार्ता पर संकेत देकर कुछ उम्मीद भी जगाई है. इस बीच, भारत अमेरिका की बजाय अन्य बाजारों की ओर रुख कर रहा है और दुनिया की दूसरी बड़ी आर्थिक शक्ति चीन के साथ अपने संबंधों को लगातार बढ़ाने पर जोर दे रहा है.
भारत-चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट
इस दिशा में विदेश मंत्रालय ने अक्टूबर के अंत में भारत और चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू करने का ऐलान किया है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घोषणा की कि गुआंगझू और कोलकाता के बीच 26 अक्टूबर से रोजाना फ्लाइट उड़ान भरेगी. इसके अलावा, दिल्ली से गुआंगझू के बीच भी फ्लाइट सेवा शुरू करने की योजना है.
कोविड-19 महामारी के बाद, 2020 की शुरुआत से भारत और चीन के बीच कोई डायरेक्ट फ्लाइट सेवा नहीं चल रही थी. हालांकि, चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग और भारत के बीच फ्लाइट सेवा अब भी उपलब्ध है. नागरिक उड्डयन सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया इस साल के अंत तक नई दिल्ली से शंघाई के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू करने की योजना बना रही है, हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है.
कोविड-19 महामारी के बाद बंद फ्लाइट्स सेवा
कोरोना महामारी से पहले केवल इंडिगो और एयर इंडिया ही भारत और चीन के बीच फ्लाइट सेवा प्रदान करती थीं. इसके अलावा, 2020 में लद्दाख के गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक सीधी फ्लाइट सेवाएं बंद रहीं. दोनों देशों के बीच कई स्तर की वार्ताएं हुई और तनाव को ठीक करने का प्रयास किया गया. लेकिन इस दौरान दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टविटी अब तक नहीं हो पाई थी.
भारत और चीन के बीच लंबे समय तक सीधी फ्लाइट्स न चलने की वजह से यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ता था और उन्हें दक्षिण-पूर्व एशिया के एयरपोर्ट्स होते हुए लंबा समय लगाकर यात्रा करनी पड़ती थी. इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देश यह चाहते थे कि सीधी फ्लाइट सेवा फिर से बहाल हो, क्योंकि भारत और चीन के बीच यात्रा की मांग हमेशा काफी रहती है.
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Source: IOCL






















