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क्या है दावोस या वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम समिट? पीएम मोदी का जाना है कितनी बड़ी बात

World Economic Forum 2018: दावोस सम्मेलन को एलीट क्लास के सम्मेलन के रूप में देखा जाता है. दावोस में सरकारी और गैर-सरकारी व्यक्ति और संगठन एक साथ मिलकर वैश्विक विकास के लिए फैसले लेते हैं. साल के अंत में यहां पर स्पेंगलर कप आइस हॉकी टूर्नामेंट का भी आयोजन किया जाता है.

World Economic Forum 2018: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की बैठक 22 जनवरी से स्विटजरलैंड के शहर दावोस में शुरू हो रही है. भारत के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी इस फोरम में हिस्सा लेंगे. 23 जनवरी को वे इसके अधिवेशन को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी 21 साल बाद दावोस जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे. इससे पहले 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा दावोस समिट में शरीक हुए थे.

ये दावोस समिट क्या है? इसमें किन विषयों पर चर्चा होती है और क्यों इस समिट को बहुत ही संजीदगी की निगाहों से देखा जाता है. आखिर इसमें ऐसी क्या है कि बड़े नेताओं के अलावा दुनियाभर के बड़े कारोबारी, उद्योगपति और अर्थशास्त्री इसमें शरीक होते हैं.

आज हम आपको बता रहे हैं कि दावोस क्या है और ये क्यों भारत के लिए महत्वपूर्ण है?

दावोस स्विटजरलैंड का एक बेहद खूबसूरत शहर है जो कि लैंड वासर नदी के तट पर स्थित है. यह शहर दोनों ओर स्विस आल्प्स पर्वत की प्लेसूर और अल्बूला श्रृंखला से घिरा हुआ है. इस शहर की जनसंख्या सिर्फ 11,000 है. यह शहर यूरोप में सबसे ऊंची जगह पर बसा हुआ है.

दावोस में हर साल विश्व आर्थिक फोरम की बैठक होती है जिसमें दुनियाभर के नेताओं और उद्योगपतियों का जमावड़ा लगता है. इस आयोजन में केवल वही हिस्सा ले सकता है जिसे  वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की तरफ से निमंत्रण मिला हो.

इस बैठक में करीब 2500 लोग हिस्सा लेते हैं. दावोस सम्मेलन को एलीट क्लास के सम्मेलन के रूप में देखा जाता है. दावोस में सरकारी और गैर-सरकारी व्यक्ति और संगठन एक साथ मिलकर वैश्विक विकास के लिए फैसले लेते हैं. साल के अंत में यहां पर स्पेंगलर कप आइस हॉकी टूर्नामेंट का भी आयोजन किया जाता है.

आपको बता दें कि  वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम एक गैर-सरकारी संस्था है जिसकी स्थापना 1971 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के जिनेवा में है. स्विस अधिकारियों द्वारा इसे अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता मिली हुई है. इनका मिशन विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ लाकर वैशविक, क्षेत्रीय और औद्योगिक विकास को बढ़ाना है.

पांच दिन तक चलने वाली इस 48वीं बैठक में व्यापार, राजनीति, कला, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों से कई नामी हस्तियां शिरकत करेंगी. भारत की ओर से पीएम मोदी समेत 130 लोग इसमें शामिल होंगे. इस साल का थीम 'क्रिएटिंग ए शेयरड फ्यूचर इन ए फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड' है. इसमें बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री केट ब्लेन्चेट और संगीतकार एल्टन जॉन का सम्मान किया जाएगा. इस बार फोरम में भारतीय व्यंजन और योग का नजारा देखने को मिलेगा. दावोस में 20 भारतीय कंपनियां भी शिरकत करेंगीं.

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