इनकम टैक्स जमा करने से जुड़ी हर एक बारीकी को यहां समझें और भरें अपना रिटर्न
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स ने इनकम टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है. इस खबर में जानें आयकर जमा करने से जुड़ी सारी बारीकियां जो आपको रिटर्न फाइल करने में मदद करेंगी.

नई दिल्लीः सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स ने गुरुवार को इनकम टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है. ऐसे में जो टैक्सपेयर्स अब तक इनकम टैक्स जमा नहीं करा पाए हैं उन्हें एक महीने का अतिरिक्त समय मिल गया है. गौरतलब है कि आखिरी तारीख से पहले आयकर जमा नहीं करने की स्थिति में इनकम टैक्स विभाग जुर्माना वसूलता है. जुर्माने की रकम लेट होने की स्थिति में बढ़ती जाती है. इस बार से नए नियमों के तहत यह न्यूनतम एक हजार और अधिकतम दस हजार वसूली जा सकती है.
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आयकर विभाग की वेबसाइट पर सूचना कैसे चेक करें और जानकारी भरें.
स्टेप- 1 आयकर विभाग की वेबसाइट incometaxindiaefilling.gov.in पर लॉगिन करें और कॉम्लायंस टैब पर क्लिक करें.
स्टेप- 2 नॉन फिलर सूचना को कॉम्लायंस टैब के अंदर जाकर देखा जा सकता है.
स्टेप- 3 ऑनलाइन रिस्पॉन्स जमा करें
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर लॉगिन कैसे करें
स्टेप- 1 incometaxindiaefilling.gov.in. इस लिंक पर जाएं.
स्टेप- 2 खुद को रजिस्टर करने के लिए "रजिस्टर योरसेल्फ" विकल्प पर क्लिक करें.
स्टेप- 3 अगर पहले से ही पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं तो लॉगिन टू ई-फाइलिंग पर क्लिक करें. ‘View and Submit Compliance’ टैब पर क्लिक करने के बाद यूजर को "फिलिंग ऑफ इनकम टैक्स रिटर्न" भरना होता है. इसके बाद नीचे स्क्रीन खुलती है जिसमें दो विकल्प होते हैं. यहां टैक्सपेयर्स एसेसमेंट इयर की ऐसी जानकारियां भी प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए उन्होंने टैक्स जमा नहीं कराया है और इसकी सूचना आयकर विभाग को पहुंची है.
1. आयकर जमा करा दिया जा चुका है. 2. आयकर नहीं जमा कराया गया है.
यदि टैक्सपेयर्स पहले विकल्प आयकर जमा करा दिया जा चुका है को चुनते हैं तो उन्हें किस माध्यम (ऑफलाइन या ऑनलाइन) में आयकर जमा कराया गया है, कब कराया गया है और एकनॉलेजमेंट नंबर इत्यादि यहां भरना पड़ता है.
पर अगर करदाता यह चुनते हैं कि उन्होंने टैक्स जमा नहीं कराया है तब उन्हें नीचे दिए गए चार विकल्पों में से एक का चुनाव करना होता है.
1. रिटर्न अंदर प्रिपरेशन 2. बिजनेस बंद हो गया है 3. टैक्सेबल इनकम नहीं 4. अन्य
अन्य का चुनाव करने की स्थिति में यूजर को कारण बताना होता है.
ऑनलाइन सारी जानकारी भरने की स्थिति में आयकर विभाग की ओर से इसकी जांच की जाती है. जानकारी के गलत नहीं होने पर केस को बंद कर दिया जाता है. टैक्सपेयर भरी गई जानकारियों को लॉगिन करके आयकर विभाग की वेबसाइट पर चैक भी कर सकते हैं. टैक्स नहीं चुकाए जाने पर इसकी सूचना विभाग आगे की कार्रवाई के लिए आगे भेज देता है.
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