अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान जेम्स और ज्वैलरी एक्सपोर्ट में आई 8.5% की गिरावट
रत्न-आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर (2017-18) की अवधि में इस क्षेत्र का निर्यात 24.5 अरब डॉलर के बराबर था.

नई दिल्ली: देश के रत्न-आभूषण क्षेत्र का निर्यात चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर, 2018) के दौरान एक साल पहले (2017) की इसी अवधि की तुलना में 8.5 फीसदी गिरकर 22.41 अरब डॉलर रहा. बड़े विकसित देशों के बाजार से मांग कम होने की वजह से ये गिरावट आई है.
रत्न-आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर (2017-18) की अवधि में इस क्षेत्र का निर्यात 24.5 अरब डॉलर के बराबर था. ये क्षेत्र रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और देश के वाणिज्यिक निर्यात में इसका योगदान करीब 15 फीसदी है. इस दौरान चांदी के आभूषणों का निर्यात 81.37 फीसदी गिरकर 57.9 करोड़ डॉलर रहा.
तराशे गए हीरों के निर्यात में हुई वृद्धि इसी तरह, सोने के तमगों और सिक्कों के निर्यात में इस दौरान 84.7 फीसदी और कच्चे हीरों के निर्यात में 13 फीसदी गिरावट आई है. लेकिन, तराशे और पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात करीब 4 फीसदी बढ़कर 17.9 अरब डॉलर रहा. इस दौरान, सोने के आभूषणों का निर्यात बढ़ कर 8.77 अरब डॉलर रहा, जबकि 2017-18 की इसी अवधि में ऐसे आभूषणों का निर्यात 6.83 अरब डॉलर के बराबर था.
जेम्स-ज्वैलरी इम्पोर्ट भी घटा इस अवधि में लौटाई गई खेप 6.5 अरब डॉलर के बराबर थी, जबकि एक साल पहले ये आंकड़ा 5.4 अरब डॉलर था. इस दौरान रत्न-आभूषण आयात भी घटकर 14.83 अरब डॉलर रहा. वर्ष 2017-18 की इसी अवधि में आयात 20.2 अरब डॉलर था. इसी तरह बिना तराशे हीरों का आयात भी 14.34 फीसदी घट गया, जबकि सोने की बट्टियों का आयात एक साल पहले इसी अवधि के 4 अरब डॉलर की तुलना में उछल कर 6 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
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Source: IOCL

























