एक्सप्लोरर

इस म्यूचुअल फंड में भर-भर के पैसा डाल रहे निवेशक, जानिए क्या है कारण

AMFI के डेटा के मुताबिक, फ्लेक्सी कैप फंड्स का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) अब 4.71 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो इसे इक्विटी फंड्स की दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बनाता है.

अगर आप म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपने हाल ही में एक नाम बार-बार सुना होगा, फ्लेक्सी कैप फंड्स. ये फंड्स लगातार तीसरे महीने सबसे ज़्यादा निवेश हासिल कर चुके हैं.

मई 2025 में भी इन्होंने बाकी सभी इक्विटी फंड कैटेगरी को पछाड़ते हुए सबसे ज़्यादा 3,841 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज किया. मार्च और अप्रैल में भी इन्होंने 5,615 करोड़ रुपये और 5,541 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई थी.

फ्लेक्सिबिलिटी है सबसे बड़ा प्लस पॉइंट

फ्लेक्सी कैप फंड्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये किसी एक मार्केट कैप तक सीमित नहीं होते. यानी फंड मैनेजर को ये पूरी छूट होती है कि वह किसी भी समय लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप स्टॉक्स में अपनी मर्ज़ी से निवेश कर सकता है. यही कारण है कि ये फंड्स बाज़ार के उतार-चढ़ाव में भी ज़्यादा फुर्ती से प्रतिक्रिया देते हैं.

मार्केट करेक्शन में भी दिखाया दम

जब अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच बाज़ार में करेक्शन आया था, तब फ्लेक्सी कैप फंड्स ने लगभग 31.76 फीसदी का नुकसान झेला, जो मिडकैप (35.91 फीसदी) और स्मॉलकैप (39.76 फीसदी) फंड्स के मुकाबले कम था. यह दिखाता है कि इनमें जोखिम तो है, लेकिन नियंत्रण में.

कौन-कौन से फंड्स में आया सबसे ज़्यादा पैसा?

पिछले तीन महीनों में फ्लेक्सी कैप फंड कैटेगरी में कुल 14,998 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया. इस दौरान सबसे ज़्यादा निवेश जिस फंड में हुआ, वह था, पराग पारीख फ्लेक्सी कैप फंड. इसमें 15,863 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. इसके बाद एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड- 11,660 करोड़ रुपये और क्वांट फ्लेक्सी कैप फंड में 964 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. वहीं श्रीराम फ्लेक्सी कैप फंड को सबसे कम 11.72 करोड़ रुपये का इनफ्लो मिला.

कहां खड़ा है फ्लेक्सी कैप बाकी कैटेगरी के मुकाबले?

AMFI के डेटा के मुताबिक, फ्लेक्सी कैप फंड्स का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) अब 4.71 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो इसे इक्विटी फंड्स की दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बनाता है. वहीं स्मॉलकैप फंड्स को पिछले तीन महीनों में 11,306 करोड़ रुपये मिले. जबकि, मिडकैप फंड्स को 9,561 करोड़ रुपये, लार्ज कैप फंड्स को 6,401 करोड़ रुपये और डिविडेंड यील्ड फंड्स को सिर्फ 171 करोड़ रुपये मिले. वहीं, ELSS फंड्स से तो 314 करोड़ रुपये की निकासी हुई.

निवेशक क्या करें?

बाज़ार के मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए जानकार मानते हैं कि फ्लेक्सी कैप फंड्स एक विवेकपूर्ण विकल्प हो सकते हैं. हालांकि सिर्फ इन्हीं पर निर्भर रहना सही नहीं होगा. पोर्टफोलियो में इन्हें 5 से 10 फीसदी तक जगह देना समझदारी भरा कदम हो सकता है, जिससे आपको तीनों मार्केट कैप से जुड़ा एक्सपोजर मिल सके. अगर आप एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर हैं और मध्यम से उच्च जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, तो फ्लेक्सी कैप फंड्स आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

ये भी पढ़ें: इस मल्टीबैगर स्टॉक में 20 प्रतिशत की जबरदस्त उछाल, अब तक 4 बार दे चुका है डिविडेंड, खरीदने की लगी होड़

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

SIR की नई लिस्ट में गजब कारनामा! उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता के पूरे परिवार का नाम गायब, मचा बवाल
SIR की नई लिस्ट में गजब कारनामा! उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता के पूरे परिवार का नाम गायब, मचा बवाल
यूपी में MLC चुनाव के लिए सभी 11 सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, कहां-कितने मतदाता? जानें डिटेल
यूपी में MLC चुनाव के लिए सभी 11 सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, कहां-कितने मतदाता? जानें डिटेल
इस एक्ट्रेस ने गोवा के क्लब में 6 मिनट की परफॉर्मेंस के लिए चार्ज किए 6 करोड़ रुपये, वायरल हो रहा डांस
इस एक्ट्रेस ने गोवा के क्लब में 6 मिनट की परफॉर्मेंस के लिए चार्ज किए 6 करोड़ रुपये, वायरल हो रहा डांस
2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड का एलान करने वाली 11वीं टीम बनी नेपाल; टीम में IPL स्टार भी शामिल
2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड का एलान करने वाली 11वीं टीम बनी नेपाल; टीम में IPL स्टार भी शामिल

वीडियोज

UP SIR: CM Yogi Vs Akhilesh Yadav..शहरों में ज्यादा वोट कटने का किसे घाटा? | UP Election 2027
Sandeep Chaudhary: वोट कटौती पर अखिलेश की बेचैनी... 27 में सपा का नुक्सान! | UP SIR | EC
JNU Protest: JNU में 'नफरती गैंग' रिटर्न्स! | PM Modi | Amit Shah | CM Yogi | BJP | Lucknow
Venezuela Crisis और Petrol-Diesel: India को कितना फ़ायदा? | Paisa Live
IPO Alert: Bharat Coking Coal IPO में Invest करने से पहले जानें GMP, Price Band| Paisa Live

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
SIR की नई लिस्ट में गजब कारनामा! उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता के पूरे परिवार का नाम गायब, मचा बवाल
SIR की नई लिस्ट में गजब कारनामा! उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता के पूरे परिवार का नाम गायब, मचा बवाल
यूपी में MLC चुनाव के लिए सभी 11 सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, कहां-कितने मतदाता? जानें डिटेल
यूपी में MLC चुनाव के लिए सभी 11 सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, कहां-कितने मतदाता? जानें डिटेल
इस एक्ट्रेस ने गोवा के क्लब में 6 मिनट की परफॉर्मेंस के लिए चार्ज किए 6 करोड़ रुपये, वायरल हो रहा डांस
इस एक्ट्रेस ने गोवा के क्लब में 6 मिनट की परफॉर्मेंस के लिए चार्ज किए 6 करोड़ रुपये, वायरल हो रहा डांस
2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड का एलान करने वाली 11वीं टीम बनी नेपाल; टीम में IPL स्टार भी शामिल
2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड का एलान करने वाली 11वीं टीम बनी नेपाल; टीम में IPL स्टार भी शामिल
Delta Force Venezuela Operation: कैसी है अमेरिकी कमांडोज की डेल्टा फोर्स, जिसने मादुरो को रातोंरात उनके देश से उठाया, कैसे होती है इनकी ट्रेनिंग
कैसी है अमेरिकी कमांडोज की डेल्टा फोर्स, जिसने मादुरो को रातोंरात उनके देश से उठाया, कैसे होती है इनकी ट्रेनिंग
आंखों में चोट, कई जगह घाव, पसली भी टूटी! कहीं मादुरो की पत्नी को बेडरूम से घसीटकर लाने की बात सच तो नहीं?
आंखों में चोट, कई जगह घाव, पसली भी टूटी! कहीं मादुरो की पत्नी को बेडरूम से घसीटकर लाने की बात सच तो नहीं?
किन देशों में लग्जरी आइटम बन चुका है कंडोम, चीन में इसके बढ़ते दामों के बीच जान लीजिए जवाब
किन देशों में लग्जरी आइटम बन चुका है कंडोम, चीन में इसके बढ़ते दामों के बीच जान लीजिए जवाब
पटना में किन लोगों को कहा जाएगा 'नगरशत्रु', इनसे कैसे वसूला जाएगा जुर्माना?
पटना में किन लोगों को कहा जाएगा 'नगरशत्रु', इनसे कैसे वसूला जाएगा जुर्माना?
Embed widget