ग्रीनलैंड की जिद छोड़ने के ट्रंप के संकेत से रुपये को मिला बल, करेंसी की रिंग में डॉलर को दी करारी शिकस्त
Indian Currency: विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, ट्रंप के नरम रुख से निकट भविष्य की भू-राजनीतिक चिंताएं घटी हैं और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार हुआ है, जिसका असर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर भी दिखा.

Rupee vs Dollar: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय रुपये में लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 17 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.41 पर पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड मुद्दे पर यूरोप के खिलाफ शुल्क लगाने की धमकी से पीछे हटने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे तत्काल व्यापार युद्ध की आशंकाएं कम हुई हैं.
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, ट्रंप के नरम रुख से निकट भविष्य की भू-राजनीतिक चिंताएं घटी हैं और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार हुआ है, जिसका असर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर भी दिखा.
कैसे रुपये को मजबूती?
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 91.45 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान मजबूत होकर 91.41 के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 17 पैसे की मजबूती दर्शाता है. गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 91.58 पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक मामूली 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.36 पर रहा.
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबरी का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर रुपया पहले ही वैश्विक जोखिम के बड़े हिस्से को कीमतों में समाहित कर चुका है. एक शोध रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में आगे चलकर बाजार में कुछ समय के लिए स्थिरता देखने को मिल सकती है. अगर वैश्विक स्तर पर जोखिम धारणा में सुधार होता है और निवेशकों का भरोसा लौटता है, तो रुपये में सीमित लेकिन सकारात्मक सुधार की गुंजाइश बनी हुई है.
शेयर बाजार में कमजोरी
पाबरी के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले 92.00 का स्तर रुपये के लिए एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में उभर कर सामने आया है. वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से लगातार मिल रहे समर्थन के चलते निकट अवधि में डॉलर/रुपया विनिमय दर 90.50 से 90.70 के दायरे में रहने की संभावना जताई जा रही है. इससे संकेत मिलता है कि हालिया अस्थिरता के बाद रुपये में बड़ी गिरावट की आशंका फिलहाल कम है.
घरेलू शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 25.99 अंक टूटकर 82,281.38 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 10.55 अंक की बढ़त के साथ 25,300.45 के स्तर पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही और ब्रेंट क्रूड 0.87 प्रतिशत बढ़कर 64.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) गुरुवार को भी बिकवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 2,549.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
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Source: IOCL

























